आगरा। Valentine day पर जहां प्रेमी एक दूसरे से प्रेम का इजहार कर रहे हैं, तो वहीं आगरा के गीतकार रमेश मुस्कान ने प्रेम के इस त्योहार पर एक गीत ऐसा लिखा है, जो दो युगों को बांटता है, दो देशों की संस्कृति को दर्शाता है और बताता है, कि पाश्च सभ्यता को अपनाना कितना मुश्किल है। रमेश मुस्कान के इस गीत में भारतीय किसान का बेटा मुख्य पात्र है, जो विदेश में जाता है। उसे विदेशी लड़की से प्रेम तो हो जाता है, लेकिन कुछ दिन बाद दोनों समझ जाते हैं, कि वे एक दूसरे के साथ नहीं रह सकते, क्योंकि दोनों की संस्कृति अलग है। इस प्रेम को तोड़ने के लिए जब भारतीय किसान का बेटा पत्र लिखता है और इसी पत्र की पंक्तियों को गीतकार रमेश मुस्कान ने अपनी शब्दों में पिरोया है।