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गांव के प्रत्येक घर में जाएंगे ये संत, सघन योजना हुई तैयार

वृंदावन में दो दिवसीय चिंतन बैठक में संघ के सेवा विभाग ने बनाई सघन योजना
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आगरा

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Dhirendra yadav

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Updated: 7 May 2018, 7:58 PM IST

Rashtriya Swayamsevak Sangh

Rashtriya Swayamsevak Sangh

आगरा। सामाजिक समरसता एवं सद्भाव के लिये नारायण आश्रम वृन्दावन में आगरा , अलीगढ़, बुलन्दशहर, मुज्जफरनगर एवं मथुरा जनपद के अनेक संतों ने दो दिन तक चिंतन किया। सभी संतों ने आगामी छः मार्च की योजना बनाई, जिसके अन्तर्गत शहर व गांव की बस्तियों में सामूहिक यात्रा करेंगे। घर - घर जाकर सामाजिक समरसता एवं सद्भाव का भाव जगाएंगे। चिन्तन बैठक के मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर संत गोपालदास महाराज शुक्रताल थे।

यहां हुआ आयोजन
चिंतन वर्ग का आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पश्चिमी उप्र के क्षेत्र के सेवाभाग के तत्वाधान में एक व दो मई को किया गया। क्षेत्र सेवा प्रमुख गंगाराम ने चिन्तन बैठक की भूमिका प्रस्तुत की और कहा कि हिन्दू समाज किसी भी भेदभाव को नहीं सहे और सभी एक रहें। संत रामदेवानन्द ने कहा कि सभी सन्त गांव गांव में घर घर में जाकर सद्भाव के लिये कार्य करेंगे। देश की चारों पीठ किसी भी भेदभाव को नहीं मानती। सभी का मानना है कि यहां सब प्राणियों में भगवान हैं। सभी को गले लगाना है। सामजिक कटुता राजनीतिक लाभ के लिए की गई है सभी जातियां देश भक्त हैं। उन्होंने कहा कि बौद्ध, जैन सभी सनातन धर्म की पहली सीढ़ी हैं।

ये हुआ पहले दिन
संत बलराम महाराज ने कहा कि सनातन धर्म में भेद्भाव के लिये कोई स्थान नहीं रहा, हिन्दू समाज के प्रति दुष्प्रचार हिन्दुओं की आस्था को निर्मूल करने एवं भारतीय संस्कृति पर आघात करने के लिये वोट के सौदागरों का षडयंत्र है। अन्य सन्तों ने कहा कि हम चाहते हैं हम सब एक हों सभी समान हैं। स्वाभिमान एवं संर्कीणता के कारण सम्पूर्ण हिन्दू समाज की एकता खण्डित हुई है। सन्तों ने किसी को अपमानित नहीं किया हिन्दू समाज के शास्त्रों में एकता, समानता, समरसता व सद्भावना का वर्णन है। चण्डौला से पधारे सन्त राधारमण ने कहा कि भगवान राम ने जंगल में वनावासी, आदिवासियों को गले लगाया। शबरी के झूठे फल तक खाये। श्रीराम ने समाज के साथ समरस होकर समाज को एक किया और जो उपेक्षित था उन्हें लगाया। जो पीढ़ित हैं। उपक्षित है वंचित हैं वे सब एक ही माता के पुत्र हैं सगे भाई हम उनके परिवारों में उनके समीप जाएं और आत्मीयता का भाव रखें।

ईश्वर की हैं संतान
सामाजिक समरसता एवं सद्भावना प्रमुख अशोक अग्रवाल ने कहा कि सम्पूर्ण हिन्दू समाज ईश्वर की सन्तान हैं। स्वामी विवेकानन्द के संदेश को बताते हुए कहा कि कुछ वर्षों के लिये देवी देवताओं को एक किनारे कर जो उपेक्षित हैं उनकी सेवा करें। उन्होंने कहा था नर सेवा ही नारायण सेवा है। संघ के द्वितीय सरसंघ चालक श्रीबाला साहब देवरस ने कहा था कि हम हिन्दू कभी पतित हो ही नहीं सकते। जातिभेद सामाजिक कूटता समाज में विद्यमान है इसे जड़ से मिटाने के लिये संघ का सेवा विभाग निरन्तर कार्य कर रहा है। चिन्तन बैठक में संघ समाज के अतिरिक्त क्षेत्र के राष्ट्रीय सेवाभारती, संघ के सेवाप्रमुख एवं सेवा भारती के अनेक दायित्वान कार्यकर्ता उपस्थित थे। चिंतन बैठक के दूसरे दिन संत फूलडोल महाराज ने कहा कि सभी सन्त एक मत हैं किसी में कोई भेद्भाव नहीं है सभी संत सभी जातियों को साथ लेकर राष्ट्र को पुनः विश्वगुरू बनाने हेतु अपनी भुमिका निभायें।

ये रहे मौजूद
इस अवसर पर ब्रज के सद्भाव प्रमुख अशोक अग्रवाल, राष्ट्रीय सेवा भारती के न्यासी सतीश अग्रवाल, अलीगढ़ सेवा भारती के जीएल उपाध्याय, प्रान्त के सरसमरसता प्रमुख व पूर्व राज्य मंत्री डॉ. रामबाबू हरित, गाजियाबाद के विभाग सेवा प्रमुख कैलाश राघव, अम्बिका प्रसाद, सर्वेश, दुर्गा प्रसाद, विश्व हिन्दू परिषद के क्षेत्र सम्पर्क प्रमुख राघवेन्द्र, संयुक्त जिला अध्यक्ष बच्चूसिंह एवं आगरा से विशन सिंह बाल्मीकि एंव सेवा भारती महानगर आगरा के अध्यक्ष वीरेन्द्र वाष्र्णेाय, मंत्री जगमोहन गुप्ता उपस्थित रहे।

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