
आगरा। आम लोगों की सुरक्षा करने वाली यूपी पुलिस भी अब सुरक्षित नहीं है। ऐसा ही मामला सामने आया आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर, जहां शनिवार रात को सिपाही की कार को बदमाशों ने रोकने का प्रयास किया। सिपाही ने जब कार नहीं रोकी, तो कार पर पत्थर मारा, जिससे सिपाही घायल हो गया। इसके बावजूद कार नहीं रोकने पर फायरिंग की। सिपाही ने दस किलोमीटर तक कार को दौड़ाया। पीआरवी के मिलने पर कार रोकी और घटना की जानकारी दी।
ये है मामला
औरैया के नगला भोज निवासी अजय प्रताप सिंह सिपाही हैं और थाना ताजगंज की नीति बाग चौकी पर तैनात हैं। वह अपने गांव से कार द्वारा लखनऊ एक्सप्रेस वे से होते हुए आगरा आ रहे थे। बताया गया है कि फिरोजाबाद के नसीरपुर क्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर रात में बदमाशों ने इशारा कर अजय की गाड़ी को रोकने का प्रयास किया। अजय ने कार नहीं रोकी, तो कार के शीशे पर सामने से पत्थर मारा। शीशा टूटने से अजय घायल हो गए, लेकिन उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए कार नहीं रोकी। इसके बाद बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। गनीमत ये रही, कि बदमाशों का निशाना चूका और गोली लगी नहीं।
नहीं मिला 100 नंबर
अजय ने घटना के बाद ही तुरंत सहायता के लिए 100 नंबर पर फोन मिलाया, लेकिन लगा नहीं। बाद में डीजी कंट्रोल को कॉल किया। इस पर कुछ देर बाद बाह थाना पुलिस ने कॉल किया, लेकिन उन्होंने भी घटना फिरोजाबाद क्षेत्र की होने के कारण कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। अजय ने तकरीबन दस किलोमीटर तक कार दौड़ाने के बाद रोकी। यहां पर पीआरवी खड़ी मिली। अजय ने पीआरवी पर तैनात सिपाहियों को घटना की जानकारी दी। कुछ देर बाद दो कार और आईं। उनके भी शीशे टूटे हुए थे। कार सवारों को भी पत्थर मारकर रोकने की कोशिश की गई। पीआरवी घटनास्थल पर गई, लेकिन बदमाश तब तक फरार हो गए।
Published on:
17 Dec 2017 09:56 am
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