
आगरा। आज यानी 9 अगस्त को सावन की शिवरात्रि है। इस शुभ अवसर पर पूरे दिन भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए मंदिरों में भक्तों का जमावड़ा लगा रहेगा। ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र ने बताया कि आज पूरे दिन त्रयोदशी है लिहाजा किसी भी समय जलाभिषेक किया जा सकता है। लेकिन सुबह 11:45 बजे से लेकर 12:20 तक के समय में जलाभिषेक व रुद्राभिषेक करना विशेष रूप से फलदायी रहेगा। इसके अलावा आज गुरुवार का दिन है और पुष्य नक्षत्र लग रहा है। इस योग को गुरुपुष्य योग कहा जाता है। शिवरात्रि के दिन गुरुपुष्य योग के संयोग से इस बार की शिवरात्रि का महत्व अधिक बढ़ गया है।
ये है सावन की शिवरात्रि का महत्व
हिंदू धर्म में पूरे सावन मास का विशेष महत्व होता है। ऐसे में सावन की शिवरात्रि का भक्त विशेष रूप से इंतजार करते हैं। सावन के पावन महीने में भक्त कांवड़ लेकर निकलते हैं और गंगाजल भरकर सावन की शिवरात्रि के दिन शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। यह भी मान्यता है कि जो भक्त शिवरात्रि में रात्रि जागरण करके भोलेनाथ का पूजन करते हैं, उनके जीवन में धन, संपत्ति की कमी नहीं रहती। बुरी नजर हमेशा दूर रहती है। परिवार से बीमारियां कोसों दूर रहती हैं। जीवन खुशहाल होता है और अंत में भक्त मोक्ष की प्राप्ति करता है।
आज के दिन हर मुराद होगी पूरी
यूं तो साल में हर महीने एक शिवरात्रि आती है जिसे मास शिवरात्रि कहा जाता है। वहीं साल में एक महाशिवरात्रि होती है। लेकिन सावन की शिवरात्रि को महाशिवरात्रि के समान ही महत्वपूर्ण माना जाता है क्यों कि सावन का महीना शिव का प्रिय महीना होता है। आज 9 अगस्त के दिन शिवरात्रि होने के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग भी बना है। सर्वार्थसिद्धि योग के दौरान सच्चे दिल से भगवान की आराधना करने से समस्त मनोकामनाएं पूरी होती हैं। पूजा के लिहाज से आज का दिन बेहद शुभ है। इसके अलावा आज प्रदोष व्रत भी है। प्रदोष काल में यानी सूर्यास्त के बाद और रात्रि के पहले के समय में शिव का पूजन करना बेहद शुभ है।
जानिए क्या है पूजा विधि
सुबह स्नान करने के बाद मंदिर जाकर या घर में ही भोलेनाथ और माता पार्वती को पंचामृत जल अर्पित करें। इसके बाद शिवलिंग पर एक-एक करके कच्चे चावल, सफेद तिल, साबुत मूंग, जौ, सत्तू, तीन दलों वाला बेलपत्र, फल-फूल, चंदन, शहद, घी, इत्र, केसर, धतूरा, कलावा, रुद्राक्ष और भस्म चढ़ाएं। शिवलिंग के सामने धूप-बत्ती दिखाएं, दीपक जलाएं और प्रसाद चढ़ाएं। शिव चालीसा, शिव कथा का पाठ करें। आरती गाएं। संभव हो तो आज के दिन व्रत रखें। काले रंग के कपड़े न पहनें और खट्टी चीजों से परहेज करें।
Updated on:
09 Aug 2018 12:36 pm
Published on:
09 Aug 2018 10:39 am

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