
Tularam sharma
आगरा। अफ्रीका के खूबसूरत शहर डरबन में भारतीय बाल श्रमिकों के दर्द पर चर्चा होगी, इसके साथ ही ये चर्चा श्रम पर केन्द्रित रहेगी। डरबन में 28 नवंबर से इंटरनेशनल बिल्डिंग एंड वुड वेलफेयर फेडरेशन द्वारा पांच दिवसीय सेमिनार का आयोजन होने जा रहा है। इस आयोजन में हिस्सा लेने के लिए भारत से 16 सदस्यीय दल जा रहा है, जिसमें आगरा से उत्तर प्रदेश ग्रामीण मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी डरबन के लिए 26 नवंबर को रवाना हो रहे हैं।
श्रमिक नेताओं का महाकुंभ
पंडित तुलाराम शर्मा ने बताया कि डरबन में श्रमिक नेताओं का महाकुंभ है, जिसमें विश्व भर के श्रमिक नेता शामिल होंगे। ये सेमिनार 28 नवंबर से 3 दिसंबर तक चलेगा। इस सेमिनार में श्रमिकों की दिन व दिन गिरती हालत पर चर्चा होगी। बैठक के प्रथम दिन इंटरनेशनल चाइल्ड लर्न बोर्ड की बैठक होगी, जिसमें बाल श्रमिकों को शिक्षा की मुख्यधारा से कैसे जोड़ा जाए, इस विषय पर चर्चा की जाएगी।
श्रमिक आज भी जूझ रहे कई समस्याओं से
तुलाराम शर्मा ने बताया कि श्रमिकों की आज अनेक समस्याएं हैं। जिनमें न्यूनतम वेतन सबसे बड़ी समस्या है। आज महंगाई बढ़ गई है, लेकिन श्रमिकों को आज भी मनमाने तरीके से वेतन देकर काम कराया जा रहा है। श्रमिकों के लिए एक ऐसे न्यूनतम वेतन पर चर्चा होगी, जिससे वे अपने परिवार का पालन पोषण बिना किसी कठिनाई के कर सकें। साथ ही उनके स्वास्थ को लेकर भी इस सेमिनार में चर्चा की जाएगी।
ये हैं तुलराम शर्मा
पंडित तुलाराम शर्मा उत्तर प्रदेश ग्रामीण मजदूर संगठन के अध्यक्ष हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल चाइल्ड लर्न बोर्ड के डायरेक्टर भी हैं। तुलाराम शर्मा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को संगठित करने के लिए लम्बे समय से कार्य कर रहे हैं, इसके साथ ही उनके द्वारा गरीब श्रमिक और बाल श्रमिकों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बाल श्रमिक विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है।
Published on:
26 Nov 2017 06:09 pm
बड़ी खबरें
View Allआगरा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
