
sex racket
आगरा। ऐतिहासिक स्मारकों के लिए मशहूर आगरा में इन दिनों देहव्यापार के रैकेट के खुलासे हो रहे हैं। हाईवे के होटलों में युवक और युवतियों की प्राइवेसी के लिए हर घंटे के हिसाब से दर तय होती है। पुलिस जब युवक और युवतियों को पकड़ती है तो थाने में लाकर खेल कर दिया जाता है। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें मामूली धाराओं में चालान कर होटलस्वामियों को बचा लिया जाता है।
सीकरी के हाईवे किनारे में चल रहे हैं सेक्स रैकेट
पुलिस ने बुधवार को फतेहपुरसीकरी के मंगलम होटल से चार युवक और युवतियों को पकड़ा था। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने जिस हालत में युवतियां पकड़ी थीं वो अत्यंत ही आपत्तिजनक हालत थी। युवतियों को कमरे से बाहर निकालने में अच्छा खासा समय लगा। युवतियों को थाने लाकर छोड़ दिया गया। पुलिस ने युवतियों को क्लीन चिट दे दी। सीओ अछनेरा नम्रता श्रीवास्तव ने बताया कि युवक और युवतियां एक दूसरे को जानते थे। देहव्यापार में युवतियां संल्ग्न नहीं थी। इसलिए युवतियों को छोड़ दिया गया। वहीं पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही सवाल उठ रहे हैं कि जब सभी कपल्स थे और बालिग थे तो लड़कों का 151 की शांतिभंग की धारा चालान आखिर क्यों किया गया। पुलिस ने होटल स्वामी को भी 151 में चालान कर अपना पल्ला छाड़ लिया।
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पुलिस नहीं करती जांच पड़ताल
आगरा में तपस्या होटल में सेक्स रैकेट पकड़ा गया था। तत्कालीन सीओ हरीपर्वत रवीना त्यागी ने यहां रैकेट में होटल स्वामी को भी हवालात के पीछे पहुंचाया। पूरे मामले की तफ्तीश की गई। लेकिन, देहात क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में आ जाती है। आरोप लगते हैं कि पुलिस देह व्यापार में खेल कर लेती है। होटल की जांच पड़ताल तक नहीं की जाती। होटल का लाइसेंस भी नहीं जांचा जाता है। वहीं वहां आने वाले लोगों की एंट्री रजिस्टर भी पुलिस चेक नहीं करना मुनासिब नहीं समझती।
Published on:
28 Jun 2018 04:51 pm
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