
आगरा। शाहजहां का 363वां उर्स शुक्रवार को ताजमहल में गुस्ल की रस्म अदायगी के साथ शुरू हुआ। संगमरमरी इमारत और दुनिया को सदभावना और मोहब्बत का पैगाम देने वाले ताजमहल में गुस्ल की रस्म के साथ उर्स का आगाज हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में चीफ इमाम आॅल इंडिया इमामस आर्गेनाइजेशन के डॉ.इमाम उमैर अहमद इल्यासी उर्स में मौजूद रहेंगे।
खोला गया शाहजहां मुमताज की मजार का दरवाजा
शुक्रवार को फातिहा पढ़ने के बाद गुस्ल की रस्म अदा की गई। जिसके बाद उर्स शुरू हुआ। शुक्रवार को एएसआई आगरा के अधिकारी, सीआईएसएफ और कमेटी के सदस्य उलेमा ए किराम के साथ ताजमहल में उर्स की शुरुआत के लिए पहुंचे। जहां मजहबी तरीके से उर्स मुबारक का आगाज सतेह में बनी शाहजहां मुमताज की मजरों के दरवाजा खोला गया। रस्म व रिवायत के मुताबिक खुद्दामें रोजा कमेटी के अध्यक्ष हाजी ताहिरउद्दीन ताहिर, मिर्जा आसिफ बेग, अधिक्षण पुरातत्वविद नवरतन पाठक, रामरतन ने शाहजहां मुमताज की बंद रहने वाली मजार का दरवाजा खोला। हाजी ताहिरउद्दीन ताहिर ने अजान देकर प्रवेश किया। उलेमा ए किरामों ने गुस्ल की रस्म अदा कराई। हाजी हाफिज तनवीर अहमद जमाली ने फातिहा पढ़कर मौलाना हाफिज इरफान ने दुआ कराई।
नि:शुल्क दीदार कर सकेंगे पर्यटक
गुस्ल की रस्म के बाद आम पर्यटक तीन दिन तक ताजमहल का दीदार नि:शुल्क कर सकेंगे। शाहजहां मुमताज की असली मजारों की जियारत का मौका भी उन्हें मिलेगा। 14 अप्रैल को संदल चढ़ेगा। 15 अप्रैल को सुबह कुल शरीफ की रस्म की अदा की जाएगी। ताजमहल में इस मौके पर पूरे दिन चादरपोशी होगी और सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक पर्यटकों के लिए प्रवेश फ्री रहेगा।
ये रहे मौजूद
इस दौरान रिजवान उद्दीन उर्फ जुग्नू, सीआईएसएफ के सेनानायक एपी सिंह, हाजी हाफिज तनवरीर अहमद जमाली, हाजी आसिफ बेग, सीओ सुरक्षा, सीओ पर्यटक, नूर मोहम्मद उर्फ मम्मे, हाजी हाफिज निजामुद्दीन गाजी, मौहसिन अब्बासी, असलम खान, रियाज, शमीम उद्दीन, मो.शकील, आदि मौजूद रहे।
Updated on:
13 Apr 2018 07:02 pm
Published on:
13 Apr 2018 06:35 pm
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