
Shardiya Navratri 2019: शारदीय नवरात्र, कलश स्थापना मुहूर्त,पूजा विधि, दुर्गा पूजा, नवमी, महानवमी और दशहरा की जानकारी
पितृपक्ष समाप्त होने के साथ ही शारदीय नवरात्र (Shardiya Navratri 2019) शुरू हो जाएंगे। इस बार शारदीय नवरात्र 29 सितंबर से शुरू हो रहे हैं। नवरात्र के ये दिन मां दुर्गा की उपासना के विशेष दिन होते हैं। ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र के मुताबिक इन दिनों में जो भी सच्चे दिल से माता की पूजा करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। लेकिन यदि आप किसी विशेष कार्य सिद्धि के लिए ये व्रत रहना चाहते हैं, तो मनोकामना के हिसाब से संकल्प लेकर विधि विधान से माता का पूजन करें। आखिरी दिन मां से कार्य सिद्धि के लिए प्रार्थना करें। जानिए अलग अलग कामना के लिए पूजन विधि।
बेहतर नौकरी के लिए
सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद 108 मनकों वाली स्फटिक की माला लेकर ‘ऊं हृीं वाग्वादिनी भगवती मम कार्य सिद्धि कुरु कुरु फट् स्वाहा’ इस मंत्र का 108 बार जाप करें। माता से अच्छी नौकरी की विनती करें। इस उपाय को पूरे नौ दिन करना बेहतर है। लेकिन आप अष्टमी और नवमी को भी ऐसा करके माता से अपनी परेशानी के समाधान की प्रार्थना कर सकते हैं। शीघ्र फल मिलेगा।
गरीबी दूर करने के लिए
अष्टमी के दिन घर के पूजा गृह में उत्तर दिशा की ओर मुंह करके बैठें। अपने सामने लाल कुमकुम और चावल का ढेर बना लें और उस ढेर पर श्रीयंत्र रखें। श्रीयंत्र के सामने तेल के नौ दीपक जलाएं और मां से अपनी समस्या को कहकर निवारण की प्रार्थना करें। पूजा करने के बाद चावल नदी में बहा दें और श्री यन्त्र तिजोरी में रख लें। इससे बहुत धन लाभ होगा।
नौ दिनों तक शिव पूजन से पूरी होगी हर कामना
नौ दिन तक सुबह स्नानादि कर स्वच्छ कपड़े पहनें और शिव मंदिर जाएं। शिवलिंग पर दूध, दही, घी, शहद और शक्कर चढ़ाकर अभिषेक करें। अभिषेक के बाद शुद्ध जल चढ़ाएं और शंकर जी को चंदन, पुष्प एवं धूप, दीप अर्पित करें। पूजा के अंत में पूरे मंदिर की झाड़ू लगाकर सफाई करें। नवमी के दिन रात 10 बजे के बाद हवन करें और ऊँ नम: शिवाय मंत्र की घी से 108 आहुति दें। नवमी के बाद 40 दिनों तक रोज ऊं नम: शिवाय मंत्र की पांच माला का जाप भगवान शिव के सामने करें। आपकी सारी मनोकामना बहुत जल्दी पूरी होगी।
कर्जदार हो गए हैं तो ये उपाय करें
अष्टमी या नवमी के दिन या नवरात्र के किसी भी दिन माता दुर्गा की पूजा के समय उनके चरणों में 108 गुलाब के पुष्प अर्पित करें। सवा किलो साबुत लाल मसूर लाल कपड़े में बांधकर अपने सामने रख लें। घी का दीपक जलाकर माता के ‘सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके, शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोस्तुते’ मंत्र का 108 बार जाप करें। मंत्र जाप के बाद मसूर को अपने ऊपर से 7 बार उतार कर किसी सफाई कर्मचारी को दान में दे दें।
Published on:
25 Sept 2019 09:49 am
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