
कोलकाता के जिस्मफरोशी के बाजार का हैरान कर देने वाला सच, कोठे से भागकर आई युवती ने किया बड़ा खुलासा
आगरा। कोलकाता के काले बाजार का रहस्य जब युवती ने खोला, तो सभी हैरान रह गए। यहां किस तरह लड़कियों को फसाकर देह व्यापार के दलदल में उतार दिया जाता है। किस तरह लड़कियों का सौदा होता है और बिना मर्जी के भी युवतियां इन अड्डों में जिस्मफरोशी का शिकार होती हैं।
हैरान कर देने वाला खुलासा
कोलकाता के कोठे से अपनी जान बचाकर आई युवती विगत दिवस जिलाधिकारी कार्यालय अपनी शिकायत लेकर पहुंची थी। पीड़िता का कहना था कि वो बेड़िया समाज से है और उसके घर में देह व्यापार का धंधा होता है। घर की सभी महिलाएं इस धंधे में शामिल हैं। 11 जनवरी 2019 को उसके छोटे भाई का जन्मदिन मनाने के बहाने उसे आगरा से कोलकाता बुलाया गया, जहां उसे एक क्लाइंट को बेच दिया गया। क्लाइंट उसके साथ रोज बलात्कार करता था। विरोध करने पर मारपीट की जाती थी, कमरे में बंद करके खाना तक नहीं दिया जाता था।
12 साल की मासूम भी फसी इस धंधे में
पीड़िता ने बताया कि आगरा से कई लड़कियों को कोलकाता बहला-फुसलाकर ले जाया जाता है और उनसे जबरन वेश्यावृत्ति कराई जाती है। पीड़िता ने कई ऐसे फोटो भी मीडिया के सामने रखे, जिसमें उसकी मां और मामा क्लाइंट के साथ शराब पार्टी और अय्याशी करते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं।साथ ही कुछ ऐसे फोटो भी दिखाए जिसमें नोटों की गड्डी के ऊपर बकायदा उन लड़कियों के नाम लिखे थे, जिनको वेश्यावृत्ति के धंधे के बदले दिए जाते थे।
परिवार ही बना दुश्मन
आगरा से कोलकाता तक फैले इस वेश्यावृत्ति के धंधे में एक जाति विशेष है, जो अपने ही खून को अपने हाथों से इस गंदगी में उतारती है। पीड़िता ने कहा कि वह बेड़िया समाज से आती है, जहां बेटियों को खुली हवा में सांस लेने के बजाय बचपन से ही जबरन वेश्यावृति के लिए मजबूर किया जाता है। पीड़िता जैसे तैसे वेश्यावृत्ति के इस गिरोह से बचकर आगरा अपने मित्र के पास पहुंची। पुलिस से मदद की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस से कोई मदद नहीं मिली, उल्टा उसकी मां और मामा ने मिलकर मदद करने वाले मित्र पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करा उसे जेल भिजवा दिया।
पुलिस भी नहीं कर पा रही मदद
पीड़िता ने थाना पुलिस से लेकर डीजीपी तक मदद की गुहार लगाई, लेकिन आगरा पुलिस ने अब तक कोई इस मामले में मदद नहीं की है। पीड़िता को जान का खतरा बना हुआ है। लगातार उसे धमकियां दी जा रही हैं। इस मामले में सीओ सदर का कहना है कि पीड़िता ने उनसे संपर्क नहीं किया है। यह एक पारिवारिक मामला है जिसमें कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।क्षेत्राधिकारी सदर विकास जयसवाल के द्वारा दी गई इस जानकारी से इतना तो साफ है कि आगरा पुलिस इस मामले में सक्रिय नहीं है जिससे पीड़िता को इंसाफ मिल सके।
Published on:
31 Aug 2019 06:37 pm
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