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श्रीमद् भागवत है कल्पवृक्ष की ही तरह : आचार्य गोपाल भैया

मीडिया प्रभारी विमल कुमार ने बताया कि चौथे दिन गुरुवार को गजेंद्रमोक्ष्य, रामजन्म, रामचरित्र, कृष्ण जन्म और नंदोत्सव का वर्णन किया जाएगा|

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आगरा

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Dhirendra yadav

May 10, 2018

Shrimad Bhagwat Katha

Shrimad Bhagwat Katha

आगरा। हिरण्यकश्यप तब मारा गया, जब दिन और रात आपस में मिल रहे थे और वह भी चौखट पर बैठकर। इस तरह ईश्वर के वरदान का भी महत्व रह गया और हिरण्यकश्यप जैसी बुराई का भी नाश हुआ। किंतु अपने नाखूनों से हिरण्यकश्यप का वध करने के बाद भी भगवान नरसिंह का क्रोध शांत नहीं हो रहा था। लाल आंखें और क्रोध लबालब चेहरे के साथ वे इधर-उधर घूमने लगे। उन्हें देखकर हर कोई भयभीत हो गया था, ये कहना था विजय नगर मे चल रही कथा मे व्यास आचार्य गोपाल भईया का। अभिनंदन पुरुषोतम ग्रीन में मिलन बैंड परिवार के सौजन्य से श्रीमद्भागवत के तीसरे दिन गुरुवार को बलि-वामन प्रसंग, मोहिनी अवतार एंव प्रहलाद चरित्र की कथा का वर्णन किया गया। कथा के दौरान प्रहलाद, नरसिंह और हिरण्यकश्यप अवतार की झांकी ने भक्तों को खूब आकर्षित किया। कथावचन मे राधे-श्याम के भजनों से पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा। कथा के मुख्य यजमान रमा देवी शर्मा, सुनील शर्मा, रानी शर्मा रहे।


ये बोले भागवताचार्य
व्यास आचार्य गोपाल भईया ने बताया कि श्रीमद्भागवत कल्पवृक्ष की ही तरह है, यह हमें सत्य से परिचय कराता है। उन्होंने कहा कि कलयुग में तो श्रीमद्भागवत कथा की अत्यंत आवश्यकता है, क्योंकि मृत्यु जैसे सत्य से हमें यही अवगत कराता है। किसी भी स्थान पर बिना निमंत्रण जाने से पहले इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए कि जहां आप जा रहे है वहां आपका, अपने इष्ट या अपने गुरु का अपमान हो। यदि ऐसा होने की आशंका हो तो उस स्थान पर जाना नहीं चाहिए। चाहे वह स्थान अपने जन्मदाता पिता का ही घर क्यों हो। कथा के दौरान सती चरित्र के प्रसंग को सुनाते हुए भगवान शिव की बात को नहीं मानने पर सती के पिता के घर जाने से अपमानित होने के कारण स्वयं को अग्नि में स्वाह होना पड़ा। भागवत कथा का समापन आरती के बाद हुआ। राजीव अग्रवाल ने केटर्स की व्यवस्था संभाली। इस अवसर पर प्रमुख रूप से भरत शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, मोहिनी शर्मा, वर्षा शर्मा, संदीप अग्रवाल, मनोज गोयल, मधु गोयल, नीरज जैन, अमित गौस्वामी, सुभि गोयल, सीमा सिंघल, उमा अग्रवाल, कौशकी अग्रवाल, हर्ष, आर्य, गौरी, नंदनी, नेहा, अंकिता आदि मौजूद रहे|

भागवत कथा में आज
मीडिया प्रभारी विमल कुमार ने बताया कि चौथे दिन गुरुवार को गजेंद्रमोक्ष्य, रामजन्म, रामचरित्र, कृष्ण जन्म और नंदोत्सव का वर्णन किया जाएगा| भागवत कथा निरंतर 15 मई तक दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक चलेगी। कथा के समापन पर भक्तों को भोजन प्रसादी वितरित की जाएगी|