मैनेजमेंट के प्रोफेसर प्रो. करूणेश सक्सेना बताते हैं कि युवाओं के लिए पर्सनेलिटी डवलपमेंट का मतलब अब सिर्फ कम्युनिकेशन स्किल, बॉडी लैंग्वेज, एटिकेट्स जैसे सॉफ्ट स्किल्स नहीं, बल्कि इंटरनल विक्ट्री हासिल करना हो गया है। यही वजह है कि इन दिनों पर्सनेलिटी डवलपमेंट एक्सपर्ट स्प्रिचुअलिटी को भी ध्यान में रख कर युवाओं के व्यक्तित्व को संवार रहे हैं। जिसमें उनका ध्यान युवाओं के बाहरी व्यक्तित्व से ज्यादा उनकी अंतरात्मा या आंतरिक विकास पर होता है। पर्सनेलिटी डवलपमेंट के सेशन में न सिर्फ आध्यात्मिक गुरुओं के लेक्चर का सहारा ले रहे हैं, बल्कि युवाओं को भागवत गीता का पाठ पढ़ाकर जीवन के विभिन्न पहलुओं से उन्हें रूबरू भी करा रहे हैं। कॉम्पिटीशन और स्ट्रेस के इस दौर में स्प्रिचुअलिटी के जरिए अपनी पर्सनेलिटी निखारने में युवा काफी रुचि ले रहे हैं।