
sri jagannath
आगरा। हर साल की तरह इस बार भी मंदिर से बाहर निकलकर श्री जगन्नाथ भगवान सुभद्रा और बलदाऊ के साथ भक्तों को दर्शन देने आएंगे। 26 अगस्त को श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव समिति के तत्वावधान में श्री जगननाथ रथयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। कलकत्ता से विशेष तौर पर तैयार होकर आई पोशाक से श्री जगन्नाथ भगवान को श्रंगारित किया जाएगा, वहीं शिकांगो का बैंड की धुन भक्तों के कीर्तन को सजाएगी।
पोस्टर विमोचन किया
यह जानकारी समिति के सदस्य हीरेन अग्रवाल ने विजय नगर स्थित पुरुषोत्तम ग्रीन में आयोजित पोस्टर विमोचन कार्यक्रम के दौरान दी। उन्होंने बताया कि विश्व भर में निकलने वाली श्रीजगन्नाथ रथयात्राओं में से आगरा की रथयात्रा विशेष स्थान रखती है। हर वर्ष शकांगो का बैंड इसमें शामिल होता है। वेद पुराणों में मान्यता है कि श्रीजगन्नाथ भगवान की रथयात्रा में शामिल होने या फिर उनके रथ की रस्सी को हाथ लगाने भर से जन्म जन्मांतरण के बंधन से मुक्ति मिल जाती है। इसलिए समिति की ओर से सभी भक्तों से रथयात्रा में शामिल होने की प्रार्थना की गई। श्री जगन्नाथ भगवान की पोशाक हर वर्ष की जरह इस बार भी कलकत्ता से तैयार होकर आएगी। रथयात्रा का शुभारम्भ श्रीमनःकामेस्वर मंदिर से 26 अगस्त को दोपहर 2 बजे वृंदावन इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष करेंगे।
यहां से निकलेगी यात्रा
मनःकामेस्वर मंदिर से दोपहर दो बजे प्रारम्भ होकर रथयात्रा रावतपाड़ा, जौहरी बाजार, सुभाष बाजार, दरेसी, बेलनगंज, पथवारी, घटिया होते हुए संजय प्लेस पर समाप्त होगी।
ये रहे मौजूद
अरविन्द स्वरूप प्रभु, हीरेन अग्रवाल, शैलेश बंसल, ओमप्रकाश प्रभु, अनूप अग्रवाल, सुधीर अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, हिमांशु गर्ग, सुधाकर शर्मा, मोहनलाल अग्रवाल, शुभम सिंघल, अशोक गोयल, भरत शर्मा, अतुल अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, अखिल मोहन मित्तल, लवी।
120 नामों का हुआ संकीर्तन
पीताम्बर परिधानों से श्रंगारित श्रीकृष्ण की मनमोहक प्रतिमा। कुछ था तो सिर्फ भगवान श्रीकृष्ण, उनके भक्त और भक्ति। ढोलक मंजीरों की स्वरलहरियों के साथ श्रीकृष्ण के 120 नामों का संर्कीतन (जिसे चेतन्य महाप्रभु भजते थे) मानों सभी भक्तों को भौतिक दुनिया से आध्यात्मिक जगत में ले आया हो। एकटक आंखों से प्रभु को निहारतीं आंखें, मुख में प्रभु का नाम और आंखों में भक्तिमय अश्रुधारा।
Published on:
10 Aug 2017 10:18 am
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