
State Information Commissioner
आगरा। प्रत्येक जन सूचना अधिकारी का कर्तव्य है कि वह वादी को हर हालत में 30 दिन के अन्दर उसके द्वारा मांगी गई सूचनाओं को उपलब्ध करा दें। सूचना रजिस्टर्ड डाक द्वारा, स्पीड पोस्ट द्वारा भेजें और उसकी रसीद साक्ष्य के रुप में फाइल में चस्पा करें, यदि मांगी गई सूचना का जवाब सीधे व्यक्ति तक भेजा जाता है, तोे यह सुनिश्चित करें की आवेदनकर्ता के ही हस्ताक्षर हों। यह निर्देश प्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त गजेन्द्र यादव ने कलेक्ट्रेट में योजना भवन, लखनऊ से वीडियो क्रान्फ्रेसिंग करते हुए व्यक्त किए।
कोई बार बार मांगे सूचना तो करें शिकायत
उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति एक ही सूचना को बार-बार मांग करता है, तो सम्बन्धित जन सूचना अधिकारी अपने कबरिंग लेटर के साथ राज्य सूचना आयोग भेज दें, जिसे इस प्रकरण का संज्ञान लेकर कार्रवाई हो सके। राज्य सूचना आयुक्त द्वारा सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक कार्यालय में प्रारुप 03 पर रजिस्टर बना हो तथा जन सूचना अधिकारी तथा अपीलीय अधिकारी का बोर्ड आवश्यक रुप से लगा होना चाहिए।
ये बोले राज्य सूचना आयुक्त
राज्य सूचना आयुक्त ने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत आम जनता द्वारा बड़ी संख्या में विभिन्न सरकारी कार्यालयों में नामित जन सूचनाधिकारियों के समक्ष सरकारी अभिलेखों में उपलब्ध सूचनाएं प्राप्त करने हेतु आवेदन पत्र प्रस्तुत किए जाते हैं। तदोपरान्त वांछित सूचना समयान्तर्गत उपलब्ध न करवाये जाने अथवा उपलब्ध करवाई गई सूचना से संतुष्ट न होने के कारण, आवेदकों द्वारा उप्र सूचना आयोग के समक्ष शिकायतें दायर की जाती है। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित अपीलों, शिकायतों की सुनवाई के लिए लिए अपीलकर्ताओं, शिकायतकर्ताओं को लखनऊ आना पड़ता है, जिससे उनको असुविधा होती है तथा समय व धन व्यय होता है। इसके अतिरिक्त इन अपीलों, शिकायतों से सम्बन्धित जन सूचना अधिकारीगण को भी सुनवाई की नियत तिथियों पर उप्र सूचना आयोग लखनऊ आना पड़ता है, जिससे उनके सरकारी कार्यों में व्यवधान उत्पन्न होता है।
इन पर लगा जुर्माना
राज्य सूचना आयुक्त द्वारा राम बाबू बनाम खण्ड विकास अधिकारी बरौली अहीर, संजय कुमार गुप्ता बनाम नगर निगम व नेत्रपाल शास्त्री बनाम परिवहन विभाग कि सुनवाई करते हुए समय पर सूचना न उपलब्ध कराने पर उक्त विभागों के जन सूचना अधिकारियों पर 25-25 हजार रुपये का आर्थिक दण्ड लगाया गया। जबकि धर्मपाल सिंह बनाम एसएन मेडिकल कालेज, नरेन्द्र पाल सिंह बनाम परिवहन निगम, सज्जन कुमार बनाम मुख्य विकास अधिकारी, अश्वनी कुमार बनाम नगर निगम आदि अनेक प्रकरणों की सुनवाई करते हुए उनके निस्तारित कर दिया गया।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर अपर आयुक्त प्रशासन अनिल कुमार यादव, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. नीता कुलश्रेष्ठ, प्रभारी बेसिक शिक्षा अधिकारी नीलम कुमारी, सहायक नगर आयुक्त अनुपम शुक्ला, सहायक अभियन्ता आगरा विकास प्राधिकरण एसके जौहरी व तहसीलदर एत्मादपुर प्रेम लाल सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
Published on:
26 Apr 2018 06:54 am
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