
Chambal river
आगरा। पिनाहट में चम्बल नदी घाट पर स्टीमर में अधिकारी मौज उड़ा रहे थे, तो वहीं सैकड़ों यात्री नदी पार करने के लिए फंस गए। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी यहां आए और चम्बल की सैर करने के लिये स्टीमर ही ले गए। बाद जब नदी के दोनों छोरों पर सैकड़ो की भीड़ ने हंगामा किया, तो स्टीमर तो आ गया पर तैनात कर्मचारीयों ने सवारियों को जमकर परेशान किया।
ये है मामला
चंबल नदी पिनाहट घाट पर हर वर्ष मध्यप्रदेश उत्तर प्रदेश की जनता को नदी पार कराने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा पेंटून पुल का निर्माण 15 अक्टूबर से 15 जून तक बनाया जाता है। बारिश के दिनों में नदी से पेंटून पुल को हटा दिया जाता है।इन दिनों में जनता को नदी पार कराने के लिए विभाग द्वारा स्टीमर का संचालन होता हैं। मगर इस वर्ष चम्बल नदी घाट सरकार द्वारा फ्री हो जाने के बाद जनता के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के चलते पहले तो वन विभाग की स्टीमर की परमिशन नहीं होने पर एक माह तक स्टीमर बन्द रहा। जनता को उन दिनों बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा। क्षेत्रीय विधायक के हस्तक्षेप के बाद नदी में स्टीमर का संचालन दोबारा शुरू हुआ। लोगों को राहत तो मिली, लेकिन स्टीमर पर अवैध वसूली जारी रही।
जोखिम में डाल रहे जान
लोग समय से पेंटून पुल नहीं बनने के कारण जान जोखिम में डालकर स्टीमर से नदी पार करने को मजबूर हैं। स्टीमर नदी में किनारे से नहीं लगने से यात्री व यात्री महिलाओं बच्चो को गहरे पानी में कूद कर जाना पड़ता है। स्टीमर गहरे पानी में लगने से कुछ यात्री महिलाएं नदी के पानी मे फिसल कर गिर गईं। पानी में डूबने से बीमार पड़ गई। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं चम्बल पेंटून पुल घाट पर 15 अक्टूबर से पुल चालू होना था, मगर लोक निर्माण विभाग की उदाशीनता के चलते नबम्बर माह का समय बीतने को है मगर पुल अभी तक नही बन पाया है। पुल नहीं बनने से लोगों अपनी जान जोखिम डालने को मजबूर हैं।
Published on:
25 Nov 2017 11:36 am
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