
Radha Swami Satsang Sabha
Radha Soami Satsang Sabha: आगरा के दयालबाग इलाके में राधा स्वामी सत्संग सभा के अवैध कब्जों को हटाने गई पुलिस पर वहां के स्वयंसेवको ने हमला किया और अराजकता से पूरा दयालबाग हिल गया। इस सत्संग ने पिछले 113 सालों में 10 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा किया हुआ है, जिसका विवाद 1942 से शुरू हुआ था पर अब सुनवाई हुई है। इसी तरह मथुरा के जवाहरबाग में भी रामवृक्ष यादव के संगठन स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रह करने के नाम पर दो साल तक पार्क पर कब्जा जमा लिया। इसके अलावा गुरमीत राम-रहीम के डेरा सच्चा-सौदा की भी सच्चाई खुलकर सामने आयी है की उन्होंने भी वन विभाग की जमीनें कब्जा की हैं, तो क्या धर्म और शिक्षा के नाम पर ये डेरे लैंड माफियागिरी कर रहे हैं और उनकी खिलाफ आवाज उठाने वाले को अंतिम अंजाम तक पहुंचा दे रहे हैं?
96 करोड़ की जमीन कब्जा, वॉलिंटियर्स को खतरनाक ट्रेनिंग
आगरा के दयालबाग में साल 1910 में राधा स्वामी सत्संग सभा का शुभारंभ किया गया था। इसके बाद 113 साल में इस डेरे ने जो पंजाब पर आधारित है ने करोड़ों की संपत्ति बनाई। कई सड़के बंद कर दिन। कई आम रस्ते अपने आश्रम में समा लिए। दयालबाग तहसील के अनुसार कुल 10 हेक्टेयर जमीन कब्जा की गई जो सरकारी थी। सरकार की नजर में इसकी कीमत 96 करोड़ रुपए आंकी ये आश्रम सिर्फ लैंड माफियागिरी के लिए नहीं बल्कि अपने टेरर के लिए भी फेमस हो गया जब कोड वर्ड में बात करती महिला स्वयंसेविकाओं ने पहले लाठी चलाने का प्रदर्शन किया और जब पुलिस ने उन्हें पीछे धकेलना चाहा तो वही लाठियां पुलिस पर बरस पड़ी। 5 घंटे चले हंगामे के बाद पुलिस और प्रशासन को पीछे हटना पड़ा था। इस दौरान डीसीपी-एसीपी समेत 20 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे। सिर्फ लाठी ही नहीं अनोखे हथियार भी दिखे जिनसे पुलिसकर्मी घायल हुए, ऐसा लगा जैसे लड़ाई के लिए ये कोड में बात करने वाली यूनिक फोर्स हमेशा तैयार रहती थी।
अपराधियों को मिलता है आश्रम में संरक्षण
डीसीपी कार्यालय पहुंची राधा स्वामी सत्संग आश्रम की 'पम्मी' ने डीसीपी को बताया कि यह आश्रम अपराधियों की शरण देने वाला भी है। यहां अपराधियों को शरण दी जाती है और लड़कियों और बच्चों को खतरनाक ट्रेनिंग दी जाती है जिसके लिए बाहर से ट्रेनर आते हैं। यदि को कोई आवाज बुलंद करता है तो उसकी आवाज हमेशा के लिए बंद कर दी जाती है। कई शवों को यहां आश्रम में ही दफन किया गया है।
जवाहर बाग में रामवृक्ष का कब्जा
उत्तर प्रदेश की बड़ी घटना जवाहर बाग पर घटना एक इतिहास है जिसे हर बार सुना जाए तो नया है पर लैंड माफियागिरी यहां भी चरम पर रही और पार्क पर कब्जा करने की कवायद की गयी। लैंडमाफियागिरि के चक्कर में 2014 में रामवृक्ष यादव के संगठन स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रह को दो दिन के लिए प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी। इसके बाद रामवृक्ष के संगठन ने पार्क में कब्जा कर लिया। यहां उनकी अलग सरकार चलती थी। झोपड़ियां बनाकर कथित सत्याग्रही रहने लगे। इसके बाद प्रशासन ने जब दो जून 2016 को इसे खाली कराने की कोशिश की तो खूनी संघर्ष हो गया। दयालबाग क्षेत्र के आसपास के गांवों के लोगों का कहना है कि अब दयालबाग क्षेत्र में भी ऐसी ही स्थिति बनती जा रही है।
गुरमीत राम-रहीम का साम्राज्य
डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख और दुष्कर्म के केस में 20 साल की सजा पाकर जेल में बंद गुरमीत राम-रहीम के ऊपर भी लैंड माफियागिरि का आरोप लगा है। उनके कई आश्राम पर वन विभाग की जमीन कब्जा करने का आरोप लगा है। ताजा खुलासे के अनुसार जांच एजेंसियों ने डेरा सच्चा सौदा ट्रस्ट की जायजाद का अंदाजा लगाना शुरू कर दिया है। हरियाणा के 16 जिलों में फैली इन जमीनों की सरकारी कीमत लगभग 1600 करोड़ रूपए बताई जा रही है। लेकिन इनका बाजार मूल्य और भी ज्यादा होने की उम्मीद है। जानकारी के मुताबिक सिरसा जिले के छह तहसीलों में डेरा की लगभग 953 एकड़ जमीन है, जिसकी कुल कीमत 1,435 करोड़ रुपये है। जांच के दौरान, अधिकारियों ने राम रहीम के ट्रस्ट द्वारा कुछ जगहों पर भूमि कब्जा करने की बात पकड़ी थी।
Updated on:
26 Sept 2023 02:19 pm
Published on:
26 Sept 2023 10:54 am
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