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न डिग्री न नाम, करते आपरेशन तमाम, आगरा में गली – गली में झोलाछाप बंगाली डॉक्टर

आगरा में जगह जगह बंगाली डाक्टरों ने झोलाछाप क्लीनिक बना रखे हैं।पूछने पर यह स्वास्थ्य विभाग को रिश्वत देने की बात करते हैं।

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आगरा

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Avinash Jaiswal

Apr 03, 2023

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बंगाली डॉक्टर का वीडियो वायरल हुआ है

न कोई डिग्री है और न ही कोई नाम है पर फिर भी आगरा में गली - गली झोलाछाप बंगाली डाक्टरों के क्लीनिक गरीबों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग जानकारी होते ही भी आंखे मूंद कर बैठा है। हद तो तब हो गई जब एक युवक ने डॉक्टर से उसकी डिग्री के बारे में पूछा तो कथित झोलाछाप बंगाली डॉक्टर ने आगरा सीएमओ को क्लीनिक खोलने के एवज में रिश्वत देने की बात बोल दी। डाक्टर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

आगरा में झोलाछाप डॉक्टरों की कमी नहीं है। देहात से लेकर शहर तक गली - गाली झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक खुले हुए हैं। इन सबके बीच शहर में बंगाली डाक्टरों ने अपना कॉकस फैला रखा है। बिना किसी नाम के खुली दुकान में बंगाली डॉक्टर बुखार - खांसी से लेकर आपरेशन तक कर देते हैं।

बिना डिग्री सालों से चल रहे क्लीनिक

सोमवार को कोटली बगीची देवरी रोड पर एक दुकान में चल रहे ऐसे ही झोलाछाप क्लिनिक में दवा लेने गए युवक ने मोबाइल कैमरा ऑन करके बंगाली डॉक्टर एस के सरकार से उनकी डिग्री के बारे में पूछा तो झोलाछाप ने खुलेआम डिग्री न होने की बात कहते हुए बीस साल से क्लीनिक चलाने की बात कही। उसने क्लीनिक चलाने के लिए सीएमओ अरुण कुमार श्रीवास्तव को रिश्वत देने की बात भी कैमरे के सामने कही। इसके बाद वो दुकान में ताला लगाकर वहां से भाग गया।

सस्ते इलाज के चक्कर में फंसते हैं लोग

अधिकांश बंगाली डाक्टर निचले वर्ग के लोगों की बस्तियों के आसपास दुकान खोल कर बैठ जाते हैं। आज जहां नार्मल फिजिशियन 300 से 500 रुपए और स्पेशलिस्ट 500 से हजार रुपए तक फीस चार्ज कर रहे हैं तो ऐसे में गरीब तबके का आदमी यहां दवा समेत 100 से 150 रुपए में इलाज पा जाता है। ड्रिप लगाने, फोड़े, फुंसी और चोट में टांके आदि लगाने का काम बंगाली डॉक्टर 200 से 300 रुपए में कर देते हैं। इनकी दवाएं इतनी हाई पावर की होती हैं की या तो मरीज जल्द राहत पा जाता है या फिर कई बार हालत बिगड़ने पर मरीज को अस्पताल तक ले जाना पड़ता है।

एसोसिएशन बनाकर करते हैं काम

विश्वस्त सूत्रों की माने तो बंगाली डाक्टर आगरा बंगाली डॉक्टर नाम से अपनी एक एसोसिएशन बना कर क्लीनिक चलाते हैं। इनके द्वारा को बंगाली डिग्री होने की बात कही जाती है, उसकी कोई मान्यता और प्रामाणिकता नहीं है। एसोसिएशन के द्वारा स्वास्थ्य विभाग में सेटिंग के चलते ऐसे क्लीनिकों पर कार्रवाई नहीं होती है। आगरा शहर में नगला बूढ़ी, नगला पदी, सुल्तानगंज पुलिया, रामबाग, कछपुरा, रामबाग, टेढ़ी बगिया, रकाबगंज, मंटोला, शाहगंज, सिकंदरा, आवास विकास समेत अधिकतर जगह बंगाली डाक्टरों के क्लीनिक खुले हुए हैं।

पूर्व में बंगाली डॉक्टर ने की थी हत्या

पूर्व में थाना हरीपर्वत क्षेत्र में एक बंगाली डॉक्टर ने छज्जा बनाने के विवाद में पत्नी और बच्चों संग मिलकर पड़ोसी की छुरा से काटकर हत्या कर दी थी। इससे पूर्व भी कई बार बंगाली डाक्टरों द्वारा झगड़े के मामले सामने आए हैं। कभी भी गलत इलाज होने पर यह डॉक्टर क्लीनिक पर ताला डालकर फरार हो जाते हैं और किसी नई जगह ठिकाना बना लेते हैं।

सीएमओ अरुण कुमार ने वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए छापा मारकर कार्रवाई की बात कही है।