
Dr Bhim Rao Ambedkar University
आगरा। डॉ. भीमराव अम्बेडकर यूनिवर्सिटी के सभी छात्र संगठनों ने एक स्वर में कुलपति डॉ. अरविंद कुमार दीक्षित के खिलाफ आवाज उठाई है। कुलपति द्वारा यूनिवर्सिटी में आॅनलाइन आवेदन प्रक्रिया, री एग्जाम आदि व्यवस्थाओं का जमकर विरोध किया गया। संगठनों ने एक साथ मिलकर डॉ.भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय बचाओ संघर्ष समिति बनाई है। इसके बैनर तले 7 सितंबर तक पंचायत की जाएंगी।
ये कहना है छात्रनेताओं का
एनएसयूआई के राष्ट्रीय महासचिव अमित सिंह ने बताया कि कुलपति द्वारा जिस प्रकार से री एग्जाम को बंद किया गया है, उससे विश्वविद्यालय के संबंधित लाखों की संख्या में छात्र प्रभावित हुए हैं। उनका कैरियर खराब हुआ है। इसको सभी छात्र संगठन और छात्र किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। वहीं उनका कहना है कि यूनिवर्सिटी में जो ऑनलाइन प्रक्रिया चालू रखी है, ऑफलाइन बंद करके, उससे ग्रामीण क्षेत्र और गरीब छात्रों को विश्वविद्यालय से बाहर करने का प्रयास किया गया है।
शुरू हुई पंचायत
डॉ.भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय बचाओ संघर्ष समिति की आज आरबीएस कॉलेज में पंचायत हुई। इसके बाद 31 अगस्त को सेंट जॉन्स कॉलेज में, 1 सितंबर आगरा कॉलेज, 4 सितंबर बैकुंठी देवी, 6 सितंबर B D जैन कॉलेज, 7 सितंबर खंदारी कैंपस और 9 सितंबर को महापंचायत आगरा विश्वविद्यालय में होगी, जिसमें समाज के सभी बुद्धिजीवी वर्ग , वकील, डॉक्टर और आगरा मंडल के संबंधित महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएं प्रतिभाग करेंगे।
कुलपति को दिखाई जाएगी ताकत
सपा छात्रसभा के निर्वेश शर्मा ने बताया कि आगरा विश्वविद्यालय के कुलपति को यह बताया जाएगा कि विश्वविद्यालय हो या देश लोकतंत्र से चलता है इसमें कोई भी तानाशाही या मनमानी से निर्णय नहीं लिया जाता है। छात्र नेता गौरव यादव ने बताया कि यूनिवर्सिटी में बन रहे रोज नए नियमों से छात्रों को बड़ी परेशानी हो रही है। सबसे अधिक परेशान ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी हैं। छात्र नेता ने बताया कि यदि कुलपति मांग नहीं मानतें हैं, तो ये आंदोलन और भी बढ़ेगा। इस अवसर पर आगरा यूनिवर्सिटी के सभी संगठनों के छात्र पदाधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
Published on:
30 Aug 2017 04:22 pm
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