
SC Verdict
अयोध्या में राम मंदिर विवाद पर आज हमेशा के लिए विराम लग गया है। शनिवार सुबह सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने इस मामले में अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है। फैसला दोनों पक्षों के पक्ष में है। यानी अब अयोध्या में राम भी रहेंगे और रहीम भी। सरल शब्दों में जानिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला।
1. सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि संविधान की नजर में सभी आस्थाएं समान हैं। लेकिन कोर्ट आस्था पर नहीं बल्कि सबूतों के आधार पर अपना फैसला देती है। पुरातात्विक साक्ष्यों को सिर्फ एक राय बताना भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के प्रति बहुत ही अन्याय होगा।
2. सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि अयोध्या में विवादित स्थल के नीचे बनी संरचना इस्लामिक नहीं थी, लेकिन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने यह साबित नहीं किया कि मस्जिद के निर्माण के लिये मंदिर गिराया गया था।
3. कोर्ट ने कहा कि सीता रसोई, राम चबूतरा और भंडार गृह की उपस्थिति इस विवादित जमीन के धार्मिक होने के तथ्यों की गवाही देती है। लिहाजा विवादित जमीन रामलला विराजमान को दी जाए।
4. सभी जजों ने एकराय होकर कहा कि रामलला जमीन के लिए केंद्र सरकार ट्रस्ट बनाकर मंदिर निर्माण के लिए तीन महीने में योजना तैयार करे और न्यास बनाए।
5. मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही मस्जिद बनाने के लिए पांच एकड़ वैकल्पिक जमीन दी जाए। कोर्ट ने माना कि बाबरी मस्जिद को नुकसान पहुंचाना कानून के खिलाफ था।
6. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि 2010 में आया इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसला जिसमें जमीन को तीन हिस्सों में बांटा गया था, तार्किक नहीं था।
Updated on:
09 Nov 2019 12:22 pm
Published on:
09 Nov 2019 12:19 pm

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