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Tajmahal में 50 रुपए वाले नहीं देख पाएंगे शाहजहां व मुमताज की कब्र

Tajmahal में शाहजहां व मुमताज का दीदार अब होगा महंगा, पर्यटकों को देने होंगे अधिक रुपए, Shah Jahan-Mumtaz की मुख्य कब्र देखने पर लगेगा 200 रुपए का अतिरिक्त शुल्क, दिसम्बर में महंगा हो सकता है टिकट

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आगरा

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Abhishek Saxena

Nov 26, 2018

taj mahal

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आगरा। सफेद संगमरीमरी हुस्न की इमारत को देखने के लिए देश के कोने कोने से सैलानी आगरा पहुंचते हैं। सप्ताह के अंत के दिनों में भीड़ का ऐसा नजारा रहता है कि सैकड़ों लोग ताजमहल (Tajmahal) देखने का ख्वाव पूरा नहीं कर पाते हैं। भीड़ को नियंत्रण में करने के लिए ताजमहल पर पिछले कुछ महीनों में कई नए नियम लागू किए गए। तीन घंटे की टिकट वैद्यता लागू की गई। वहीं अब सैलानियों की जेब और ढीली हो सकती है। ताजमहल में प्रवेश टिकट आने वाले दिनों में और महंगा किया जा सकता है। Shah Jahan-Mumtaz की कब्रों वाले मुख्य गुंबद के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) 200 रुपये का अतिरिक्त प्रवेश शुल्क लगाने जा रहा है।

गेट पर ही टिकट की जांच
टिकट दर यदि 200 रुपए होती है तो मार्बल प्लेटफॉर्म तक पर्यटक जा सकेंगे लेकिन, कब्र वाले कक्ष में वे नहीं जा सकेंगे। वहां पर टिकट शुल्क की जांच की जाएगा। बता दें कि tajmahal में भीड़ प्रबंधन के लिए नीरी की सिफारिश पर स्टेप टिकटिंग का कदम Archaeological Survey of India (ASI) उठाने जा रहा है। दिसंबर से मुख्य गुंबद के लिए अलग से 200 रुपये का टिकट सभी पर्यटकों के लिए लागू होगा। इनमें विदेशी और भारतीय के साथ सार्क पर्यटकों को भी शाहजहां-मुमताज की कब्रें देखने के लिए 200 रुपये का अतिरिक्त शुल्क चुकाना होगा। मौजूदा 50 रुपये का टिकट चमेली फर्श से ऊपर वाले मार्बल प्लेटफॉर्म तक ही उपयोग किया जा सकेगा।

नई टिकट दर के लिए पूरी तैयारी
अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि दिल्ली मुख्यालय से जब अतिरिक्त टिकट का आदेश आ जाएगा, तब से नई टिकट दरें लागू कर दी जाएंगी। हमारी पूरी तैयारी है।

पर्यटकों की लंबी लाइन लगती है
इस साल ताजमहल देखने वालों की अच्छी संख्या रही है। वीकेंड पर करीब 50 हजार सैलानी ताजमहल देखने पहुंच रहे हैं। ताजमहल पर इतनी बड़ी संख्या में सैलानियों के पहुंचने से एएसआई और सीआईएसएफ को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। दिसम्बर से प्रस्तावित टिकट की नई दर से कब्र देखने वालों की संख्या में कमी आ सकती है। ऐसा भी माना जा रहा है।