
Sikh Martial Art
आगरा। जिस उम्र में बच्चे ठीक से चम्मच नहीं पकड़ पाते हैं, उस उम्र में ये बालक गजब की लाठी चलाता है। एक दो नहीं, बल्कि आधा दर्जन से अधिक युवाओं से अकेले लाठी लेकर भिड़ जाता है। इस बालक का नाम है सतनाम। तीन वर्ष का सतनाम गुरुद्वारा गुरु का ताल स्थित रंजीत अखाड़े में प्राचीन युद्धकला का प्रशिक्षण ले रहा है।
ये था नजारा
गुरुद्वारा गुरु का ताल स्थित रणजीत सिंह अखाड़े में सिख मार्शल आर्ट के अभ्यास में सिंहों ने प्राचीन युद्धकला को एक बार फिर जीवंत कर दिया। यह तैयारी थी श्री गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश उत्सव के अवसर पर निकलने वाले विशाल नगर कीर्तन की। इस अभ्यास के दौरान पत्रिका टीम ने तीन वर्ष के बच्चे से बात की। इन युवा सिंहों के अभ्यास के दौरान इस छोटे सरदार की युद्धकला भी देखते ही बन रही थी।
कईयों को एक साथ पछाड़ता
तीन वर्ष के इस बालक का नाम है सतनाम। इस बालक से पत्रिका टीम ने बात की, तो इसने बताया कि उसके पिता का नाम रंजीत सिंह है। उसने बताया कि इस युद्ध अभ्यास में उसे डर नहीं लगता, बल्कि मजा आता है। खास बात ये थी, कि तीन वर्ष के इस बालक का हौशला देखते ही बन रहा था। आधा दर्जन युवाओं की भीड़ को अकेले चीरते हुए ये बालक जिधर भी जाता, उधर ही सामने वाले को चार कदम पीछे कर देता।
इस दिन होगा ये प्रदर्शन
सिखों के केंद्रीय संस्था श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा माईथान के बैनर तले दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश उत्सव पर 17 दिसंबर को गुरुद्वारा माईथान से सदर स्थित गुरुद्वारा कलगीधर तक परंपरागत विशाल नगर कीर्तन निकाला जाएगा। इस विशाल नगर कीर्तन की तैयारियों को लेकर गुरुद्वारा गुरु का ताल में प्राचीन युद्धकला का शिविर लगाया गया।
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Published on:
13 Dec 2017 04:13 pm
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