
आगरा। केन्द्र सरकार भले ही तीन तलाक के मुद्दे पर सख्त होते हुए कड़ा कानून बनाने की बात कह रही है, लेकिन महिलाओं को इस मामले में राहत मिलती नजर नहीं आ रही हे। आगरा में एक और मामला ऐसा ही आया, जिसमें एक पति ने पत्नी को दहेज के खातिर तीन तलाक बोलकर उसे बच्चों सहित घर से बाहर कर दिया। अब महिला न्याय की खातिर दर-दर की ठोकरें खा रही है। पुलिस से सहायता न मिलने पर महिला ने कोर्ट की शरण ली है।
यहां का मामला
थाना शाहगंज की सराय ख्वाजा में 2007 में मीनू का विवाह रुस्तम नामक युवक से हुआ था। मीनू के पिता ने मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार बेटी की शादी की। शादी के कुछ दिनों बाद ही मीनू को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। आए दिन उसके साथ मारपीट होने लगी, पति ने मीनू से 10 लाख रुपए और एक कार की मांग की। दहेज की मांग को सुनकर मीनू के पिता सदमे में आ गए। बेटी की इस हालत को देख कर मां बाप के सदमे में मौत हो गई। वहीं मीनू का उत्पीड़न लगातार जारी रहा। मीनू 5 बच्चों की मां है, जिसमें 4 बटियां और एक बेटा है
पहले की पिटाई फिर निकाला घर से बाहर
16 अप्रैल कि शाम को घर में बंद करके मीनू की सास, ससुर और पति ने पिटाई की। इतना ही नहीं तीन तलाक बोलकर उसे एक जोड़ी कपड़े में बच्चों समेत बाहर कर दिया। मीनू पति के तीन तलाक दी जाने के बाद पुलिस से मदद के लिए चौकी पहुंची, लेकिन वहां भी उसकी सुनवाई नहीं हुई। अब मीनू ने न्याय के लिए कोर्ट की शरण ली हुई है। बच्चों के भरण-पोषण और अपने हक के लिए कोर्ट में वाद दायर किया है। पीड़िता के अधिवक्ता रमाशंकर राजपूत ने बताया कि इस मामले में वाद दायर हो चुका है।
Published on:
19 Apr 2018 03:27 pm
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