
शिक्षा अधिकारी 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार
आगरा। शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर व्याप्त है। यूपी पुलिस की एण्टी करप्शन टीम ने शमसाबाद बीआरसी (Block Resource Coordinator) पद पर तैनात सहायक खंड संसाधन समन्वयक (एबीआरसी) Assistant Block Resource Coordinator (ABRC) वेदप्रकाश को 10 हजार रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है। एण्टी करप्शन की टीम के हत्थे चढ़े एबीआरसी ने सहायक अध्यापक यश प्रताप चौहान से वेतन जारी करने के एवज में 12 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। सहायक अध्यापक ने भ्रष्ट शिक्षाधिकारी की शिकायत की थी। भ्रष्ट अधिकारी थाना शमसाबाद की हवालात में है।
किसने की शिकायत
शिकायतकर्ता यश प्रताप चौहान को जैतपुर से स्थानान्तरण होकर विकास खण्ड शमसाबाद के गांव वास वेद में तैनात किया गया है। वह सहायक अध्यापक है। काफी समय से वेतन जारी कराने के लिए वह बीआरसी (Block Resource Coordinator) शमसाबाद के चक्कर काट रहे थे। बीआरसी पर तैनात एबीआरसी/ बाबू वेतन जारी करने के लिए रिश्वत की मांग पर अड़ा रहा। जिसकी शिकायत सहायक अध्यापक ने प्रशासनिक अधिकारियों कर दी।
ये रहे एंटी करप्शन की टीम में शामिल
आगरा में भ्रष्ट शिक्षाधिकारी को बेनकाब करने वाली एंटी करप्शन की टीम में प्रभारी निरीक्षक महेश गौतम ने पूरी भूमिका तैयार की थी। एबीआरसी के तय समय पर रिश्वत की रकम के साथ सहायक अध्यापक को भेजा गया। एंटी करप्शन की टीम भी बीआरसी पर मौजूद थी। जैसे ही वेदप्रकाश ने रिश्वत ली टीम ने उसे रंगेहाथ दबोच लिया।
पहले भी पकड़े गये हैं भ्रष्ट अधिकारी
साल 2017 में भी शमसाबाद बीआरसी पर एबीईओ (सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी) के पद तैनात पूनम चौधरी को सीसीएल स्वीकृत करने के लिए रंगेहाथ 50 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। विजिलेंस की टीम ने एबीआरसी रानी परिहार की शिकायत पर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
Published on:
06 Sept 2019 07:17 pm
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