
Dr roli tiwari mishra
आगरा. आखिरकार सपा ने दक्षिण विधानसभा सीट पर अपने पत्ते खोलते हुए राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. रोली तिवारी मिश्रा के नाम पर प्रत्याशी के रूप में मुहर लगा दी है। पिछले विधानसभा चुनाव में यहां से सप्पो उस्मानी चुनाव लड़े थे।
पत्रकारिता से राजनीति का सफर
आगरा में जन्मी डॉ. रोली तिवारी मिश्रा पत्रकारिता एवं हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर हैं। इन्होंने “लोक रंगमंच" पर शोध किया है। बचपन से डॉ. रोली का कविता लेखन के साथ-साथ कई सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं से जुड़ाव रहा है। दैनिक जागरण में पत्रकार के तौर पर करियर की शुरुआत करने के बाद कुछ समय आकाशवाणी पर उद्घोषिका रहीं। डॉ. रोली ने पत्रकारिता विभाग में प्रवक्ता के तौर पर कुछ समय कार्य भी किया। डॉ. रोली तिवारी मिश्रा पिछले तीन वर्षो से राज्य महिला आयोग की सदस्य है। मुख्य्मंत्री के दिशानिर्देश पर डॉ. रोली ने ही पूरे प्रदेश में महिला जन सुनवाई कार्यक्रम को पहचान दी।
मुस्लिम बाहुल्य सीट पर उतारा ब्राह्मण प्रत्याशी
समाजवादी पार्टी द्वारा मुस्लिम बाहुल्य दक्षिण विधानसभा सीट से ब्राह्मण समुदाय की डॉ. रोली तिवारी मिश्रा को प्रत्याशी बनाना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। जहाँ इसे हिन्दू वोटों में सेंध लगाने के लिए सपा का नया पैंतरा माना जा रहा है. वहीं आगरा में अब तक घोषित की गयी सीटों में किसी भी मुस्लिम प्रत्याशी को न उतारा जाना बड़े सवाल खड़े करता है।
सपा के लिए सबसे कमजोर सीट मानी जाती है दक्षिण
समाजवादी पार्टी के लिए दक्षिण विधानसभा सीट हमेशा से घाटे का सौदा रही है। यहाँ लगभग हर बार सपा प्रत्याशी अपनी जमानत भी नहीं बचा पाये है हालांकि यहाँ मुस्लिम बहुतायत में है लेकिन यहाँ का मुस्लिम समुदाय हमेशा बसपा प्रत्याशी के पक्ष में खड़ा दिखाई दिया है। पिछले विधानसभा चुनाव में यहां से सप्पो उस्मानी को टिकट मिला था जो लगभग 10000 वोट के साथ पांचवें स्थान पर आये थे। उनकी जमानत जब्त हुई थी।
क्या कहना है डॉ. रोली तिवारी का
डॉ. रोली तिवारी ने बताया कि वो निशब्द है। जो भरोसा पार्टी मुखिया ने उन पर जताया है वो सीट जीतकर उसे पूरा करके दिखाएंगी।
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