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आगरा। इलाहाबाद (Allahabad) का नाम प्रयागराज और फैजाबाद (Faizabad) का नाम अयोध्या करने के बाद अब जल्द ही आगरा का नाम भी बदल सकता है। यूपी सरकार आगरा का नाम बदलकर अग्रवन करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए सरकार ने आगरा की आंबेडकर यूनिवर्सिटी से साक्ष्य मांगे हैं। बताया जा रहा है कि सरकार ने इसके लिए विश्वविद्यालय के इतिहासकारों से बातचीत भी की है और ये जानने की कोशिश कर रहा है कि अग्रवन का नाम आखिर आगरा किन परिस्थितियों में किया गया।
इतिहासकारों के अनुसार आगरा को प्राचीन काल में अग्रवन कहा जाता था। मुगलकाल में इसका नाम आगरा कर दिया गया। इसके पीछे उनका तर्क है कि ब्रज मंडल में अग्रवन, वृंदावन, निधिवन समेत तमाम वन थे। आज उनमें से सिर्फ वृंदावन और निधिवन बचे हैं। वहीं कुछ विद्वानों का मत है कि 1000 वर्ष पूर्व महर्षि अंगिरा हुए थे। महर्षि अंगिरा से संबन्धित होने के कारण इस शहर को पहले अंगिरा कहा जाता था। को पहले अंगिरा कहा जाता था। वहीं कुछ लोगों का मत है कि आगरा नगर अत्यंत प्राचीन काल में आर्यग्रह नाम से भी पहचाना जाता था। मुगल काल में इसे आगरा कहा गया। सन 1506 में सिकंदर लोधी ने आगरा को व्यवस्थित रूप में बसाया। आगरा 1526 से 1658 तक आगरा मुगल साम्राज्य की राजधानी रही।
फिलहाल यूपी सरकार इन सभी पहलुओं पर मंथन कर रही है। बता दें कि आगरा के बीजेपी विधायक रहे जगन प्रसाद गर्ग ने शहर का नाम बदलने की मांग की थी। इसके लिए उन्होंने सीएम योगी को पत्र लिखकर आगरा का नाम बदलकर आगरावन करने की बात कही थी।
Published on:
18 Nov 2019 05:07 pm
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