
आगरा। उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्र 5 सितंबर 2018 शिक्षक दिवस के अवसर पर बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र छौंकर ने बताया कि 13 जून 2018 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात में यह बात स्पष्ट हो गई थी कि शीघ्र ही कोई ना कोई रास्ता शिक्षामित्रों के लिए सकारात्मक निकाला जाएगा। अभी हाल में ही 25 जुलाई को ईको गार्डन में शिक्षामित्र साथियों द्वारश जो मुंडन का कार्यक्रम कराया गया, इसके बाद भी सरकार का आश्वासन ही मिल रहा है। यदि इसके बाद भी सरकार नहीं जागती है, तो शिक्षामित्र संगठन बड़ा कदम उठायेगा।
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अगस्त माह तक करेंगे इंतजार
जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र छौंकर ने बताया कि उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश संरक्षक शिव कुमार शुक्ला ने प्रदेश के शिक्षामित्रों से आह्वान किया है कि यदि अगस्त माह के अंत तक शिक्षामित्रों का सामान्य जनक तरीके से हल सरकार नहीं निकालती है, उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करते हुए पुनः उनको सहायक अध्यापक पद पर स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त नहीं होता है या उनकी सेवाएं बेहतर मानदेय के साथ 12 महीना 62 वर्ष पर सुरक्षित नहीं होती हैं, तो 5 सितंबर 2018 को शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी शिक्षामित्र एक नया इतिहास रचने का काम करेंगे।
शिक्षक दिवस इस तरह मनायेंगे
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि शिक्षक दिवस न मनाकर 5 सितंबर 2018 को काला दिवस के रुप में प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ईको गार्डन पार्क में मनाएंगे। इसमें प्रदेश के एक -एक शिक्षामित्रों की जिम्मेदारी है कि वह पूरी ताकत से ईको गार्डन पहुंचकर अपनी लड़ाई के साक्षी बनेंगे और यह लड़ाई शिक्षामित्रों के जीवन की सबसे बड़ी लड़ाई होगी। इसके लिए प्रदेश के सभी शिक्षामित्रों को तैयार रहने के लिए कहा गया है।
Published on:
30 Jul 2018 03:12 pm
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