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इंटरव्यू में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए उत्तर प्रदेेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब यूपी के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी स्नातक वेतनमान के पदों पर इंटरव्यू नहीं होगा। इसके लिए उम्मीदवारों को सिर्फ लिखित परीक्षा देनी होगी। लिखित परीक्षा के परिणामों के आधार पर मेरिट बनेगी और उसी के मुताबिक शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। यूपी सरकार के इस फैसले की लोगों ने सराहना की है।
यूपी सरकार के इस फैसले में यूपी माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड नियमावली-1998 में पांचवें संशोधन को मंजूरी दी गई है। अब यूपी माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड ही अशासकीय सहायता प्राप्त हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कॉलेज के संबद्ध प्राइमरी विभाग में मौलिक रूप से खाली सहायक अध्यापक के पदों पर भर्ती करेगा। हालांकि इसमें बेसिक शिक्षा सेवा नियमावली-1981 लागू की जाएगी।
यूपी सरकार के इस फैसले से स्थानीय लोगों में काफी खुशी है। उनका मानना है कि इससे योग्य लोगों को लाभ होगा। इस मामले में आवास विकास निवासी जागृति सक्सेना का कहना है कि कई बार अच्छे नंबर लाने के बावजूद कैंडिडेट का चयन नहीं हो पाता था क्योंकि इंटरव्यू में धांधली हो जाती थी। अब इंटरव्यू बंद होने से काफी हद तक योग्य लोगों को जगह मिल सकेगी।
वहीं जयपुर हाउस निवासी मुकुल अवस्थी का कहना है यूपी सरकार का ये फैसला तमाम लोगों की उम्मीदों को पंख लगाएगा। ये वाकई सराहनीय कदम है।
Published on:
13 Feb 2019 01:55 pm
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