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अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ आवाज उठी है। येरूशलम को इसराइल की राजधानी के रूप में मान्यता दिये जाने पर डोनाल्ड ट्रम्प की निंदा की गई। फिलिस्तीनी जनता के साथ सहानुभूति व्यक्त करते हुए अमेरिका के निर्णय की निंदा की गई। कहा गया कि यह संयुक्त राष्ट्रसंघ के प्रस्तावों तथा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर लोगों की राय तथा मानवीय मूल्यों के विरुद्ध है।
सैनिक शक्ति से कब्जा
एएमयू के राजनीतिक विज्ञान विभाग में अमेरिका के हालिया निर्णय से सम्बन्धित फिलस्तीन के विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। प्रो. एआर अरशी खान ने इसराईल के अस्तित्व में आने तथा फिलिस्तीनी बस्तियों पर उसके कब्जे का इतिहास बयान करते हुए कहा कि सैनिक शक्ति से इसराईल ने फिलिस्तीनी बस्तियों पर कब्जे करने में सफलता अवश्य प्राप्त कर ली है, परन्तु वह लोगों के दिल एवं दिमाग को जीतने में असफल रहा है। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर इस्राईल तथा डोनाल्ड ट्रम के अलग थलग पड़ जाने से भी यह प्रतीत हो रहा है।
विवाद के हल के लिए ठोस कार्य हों
प्रो. वीजापुर ने 1948 से इस विषय पर संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा निभाई गयी भूमिका पर प्रकाश डाला। डॉ इकबाल उर रहमान ने मुस्लिम वल्र्ड के एकजुट न होने पर दुख व्यक्त करते हुए इस बात पर बल दिया कि विवाद के हल के लिये ठोस कार्य किये जाएं। डॉ. असलम ने इस विषय के धार्मिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। राजनीतिक विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. असमर बेग ने पश्चिमी एशिया की राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा करते हुए कहा कि फिलिस्तीन पर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर लोगों की राय को ठीक दिशा देने की आवश्यकता है। डॉ नसीम खान ने पश्चिमी एशिया में परिस्थितियों की संकीर्णता के बारे में चर्चा की। विभिन्न शोधार्थियों ने येरूशलम नगर की प्रासंगिकता तथा उस पर ईसाइयों, यहूदियों तथा मुसलमानों के दावों पर विचार व्यक्त किये।
यौन उत्पीड़न पर बैनर का विमोचन
इस बीच अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कार्य स्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न एक्ट 2013 पर आधारित सूचनात्मक बैनर का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय हर विभाग में लैंगिक समानता के विकास तथा महिलाओं को दिये गये अधिकारों के प्रति कटिबद्ध है। बैनर विश्वविद्यालय की इंटरनल कम्पलेंट कमेटी (आईसीसी) ने तैयार किया है, जिसमें यौन उत्पीड़न के तहत आने वाले आचरण की विस्तारात्मक मिसालें बयान की गयी हैं। इसे हिन्दी तथा अंग्रेजी में तैयार किया गया है। कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि इस बैनर को जनचेतना के लिये विश्वविद्यालय में विभिन्न मुख्य स्थानों पर रखा जाये। प्रो. शाहीना तरन्नुम ने बताया कि इंटरनल कम्पलेन्ट कमेटी (आईसीसी) से सम्बन्धित जानकारियां अमुवि की वेबसाइट पर भी अपडेट की जाती हैं। कुलपति ने कमेटी की सदस्याओं के प्रयासों की सराहना करते हुए सम्पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
Published on:
20 Dec 2017 07:47 am
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