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घर में वास्तु सही नहीं, तो कभी नहीं आएगी सुख समृद्धि, इसलिए कर लें ये उपाए…

वस्तु यानि जिसकी सत्ता या जो अस्तित्व में है। वस्तुओं से संबंधित शास्त्र ही वास्तुशास्त्र है।

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आगरा

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Dhirendra yadav

Nov 02, 2018

Vastu tips for home

Vastu tips for home

आगरा। वस्तु यानि जिसकी सत्ता या जो अस्तित्व में है। वस्तुओं से संबंधित शास्त्र ही वास्तुशास्त्र है। वस्तु शब्द से पृथ्वी भवन एवं भवन में रखी जाने वाली वस्तुओं का वोध होता है। वास्तु का दूसरा अर्थ है वास करने का स्थान अर्थात निवास करने का स्थान। वास्तु शास्त्र के नियम बहुत ही सूक्ष्म अध्ययन और अनुभव के आधार पर बने है। इसमें पंच मूलभूत तत्वों का भी समावेश किया गया है ये पंच मूलभूत तत्व है- आकाश पृथ्वी, जल, वायु और अग्नि। इन तत्वों के वैज्ञानिक उपयोग से पूर्ण रूप से संतुलित वातावरण की रचना होती है, जो अच्छे स्वास्थ्य संपत्ति तथा सम्पन्नता की प्राप्ति को सुनिश्चित करता है।

ये है कथा
वास्तु के प्रादुर्भाव के कथा विषय में मत्स्य पुराण में बतलाया गया है कि प्राचीन काल में अन्धकासुर के वध भगवान् शिव के ललाट से पृथ्वी पर जो स्वेद बिन्दु गिरे उसने एक भंयकर आकृति वाला पुरुष प्रकट हुआ जो विकराल रूप फैलाये था। उसने अन्धगणों का रक्त पान किया, किन्तु उसे तृप्ति नहीं हुई और वह भूख से व्याकुल होकर त्रिलोक की तरफ बढ़ा। इससे भयभीत होकर सभी देवी देवताओं ने उसे पृथ्वी पर सुलाकर वास्तु देवता के रूप में प्रतिष्ठित किया और उसके शरीर में सभी देवताओं ने वास किया। इसलिए वह वास्तु देव या वास्तु पुरुष के नाम से प्रसिद्ध हो गये। देवताओं ने उन्हें वरदान दिया कि पृथ्वी पर सभी मनुष्य तुम्हारी पूजा करेगें। इसीलिए भवन कूप, वापी मन्दिर आदि का जीणौदार में नगर बसाने में यज्ञ मण्डप के निर्माण में एवं पूजा पाठ में वास्तु देवता की पूजा अर्चना की जाती है।

प्रस्तुतिः आचार्य उमेश वर्मा
संजय प्लेस, आगरा
मोबइलः 9219615700