
आगरा। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश औऱ बंगाल में बुधवार रात को आए आंधी तूफान के बाद एक बार फिर अलर्ट जारी किया गया है। पांच से छह मई तक दोबारा तूफान आने की संभावना जताई जा रही है। जिलाधिकारी गौरव दयाल ने इस संबंध में पत्र जारी कर जनता से सावधानी बरतने की अपील की है। बता दें कि पश्चिमी विक्षोभ औऱ चक्रवाती तूफान की वजह से आई प्राकृतिक आपदा में सबसे ज्यादा प्रभावित उत्तर प्रदेश का आगरा शहर ही रहा है।
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सबसे ज्यादा प्रभावित आगरा
आंधी तूफान के दौरान कुल 145 लोगों की जान गई जिनमें से उत्तर प्रदेश के 88 लोग शामिल हैं अकेले आगरा में ही मरने वालों की संख्या 50 है। आगरा में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा राजस्थान में 37, पश्चिमी बंगाल में 8, उत्तराखंड में 6 और मध्य प्रदेश में भी 6 लोगों की मौत हो गई। राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है।
यूपी डिप्टी सीएम ने जाना हाल
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा आंधी तूफान के बाद हालात का जायजा लेने के लिए आगरा पहुंचे। यहां उन्होंने आंधी तूफान से प्रभावित इलाकों का दौरा कर हालात जाने औऱ एसएन मोडिकल कॉलेज में भर्ती घायलों से मुलाकात की।
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सीए योगी पहुंचे आगरा
इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर्नाटक से चुनाव प्रचार छोड़ आगरा पहुंच चुके हैं। वह रात्रि विश्राम सर्किट हाउस में करेंगे और पार्टी के नेताओं से मुलाकात कर हालातों पर चर्चा करेंगे। इसके बाद सुबह 9 बसे 10 बजे तक आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और 10.30 से 11.30 बजे तक प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।
नहीं छटे चिंता के बादल
तूफान का खबतरा अभी टला है मुख्यमंत्री से लेकर आला अधिकारी वर्तमान हालातों को काबू में करने की कोशिश में लगे हैं वहीं दोबारा संभावित प्रकृति के प्रकोप को लेकर चिंतित हैं। उत्तर प्रदेश के आगरा में अलर्ट जारी कर दिया गया है। डीएम गैरव दयाल ने प्रेसनोट जारी कर सुझाव भी दिए हैं।
क्या करें, क्या न करें
तूफान के समय वाहन ना चलाएं। वाहन को किसी सुरक्षित स्थान पर खड़ा करें। किसी पेड़, बिजली के खंभे, होर्डिंग्स अथवा पड़ोसी के जर्जर मकान, इमारत, दीवार से तत्काल दूर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। यदि भवन की हालत अच्छी है तो घर के बाहर ना निकलें। सामान्य जरूरत की वस्तुए घर पर रखें। प्रकाश और पानी की व्यवस्था करके रखें। बच्चों को बिजली के उपकरण से दूर रखें। कोई अप्रिय घटना घटित होने पर उसकी सूचना तत्काल कंट्रोल रूम नंबर 100 पर दें। जब तक पुलिस प्रशासनिक मदद ना पहुंचे, आसपास मौजूद लोगों की सहायता से बचाव और मदद का प्रयास करें। टॉर्च, कुल्हाड़ी, सीटी जैसी आवश्यक वस्तुएं राहत एवं बचाव के समय उपयोगी साबित हो सकती हैं। सड़क पर यातायात व्यवस्था बनी रहें, इसके लिए धैर्य धारण करें, हड़बड़ाएं नहीं। अपनी लेन में चलें। गलत लेन में वाहन ना चलाएं। यातायात के नियमों का पालन करें। तूफान में फंस जाने पर घरवालों को फोन द्वारा अपनी कुशलता की सूचना अवश्य दें, जिससे परिजन घबराएं नहीं। स्वयं सतर्क रहें और कोई हादसा होने पर आगे बढ़कर लोगों की मदद करें और पुलिस प्रशासन का सहयोग भी करें।
Published on:
04 May 2018 10:40 pm
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