आनंद इंजीयिरंग क़ॉलेज में बीसीए की छात्रा राशि गुप्ता ने कहा कि लोग बीसी, एमसी कहने लगे हैं। लड़की देखकर गाली न दें लेकिन साला तो बोल ही देते हैं। समाज हमसे ही बनता है। हमारे पापा गाली देते हैं, तो हम उन्हें टोकते क्यों नहीं हैं। घर से शुरू करो गाली न देने की परंपरा। दूसरे पर आरोप लगाते रहने से कुछ नहीं होगा। हमें लोगों को दस बार टोकना पड़े तो टोकें।