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पत्रिका पहलः मां-बहन की गाली नहीं सुनेंगी महिलाएं

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पत्रिका उत्तर प्रदेश ने अनोखी पहल की। पत्रिका आगरा कार्यालय में हुए संवाद कार्यक्रम में युवतियों और महिलाओं ने संकल्प लिया कि मां-बहन की गाली नहीं सुनेंगी।

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Bhanu Pratap Singh

Mar 08, 2016

women's day

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Tआगरा, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पत्रिका उत्तर प्रदेश ने अनोखी पहल की। पत्रिका आगरा कार्यालय में हुए संवाद कार्यक्रम में युवतियों और महिलाओं ने संकल्प लिया कि मां-बहन की गाली नहीं सुनेंगी। गाली देने वाले को टोकेंगी। शुरुआत अपने घर से ही करेंगी।

यह लिया संकल्प
सिकंदरा-बोदला रोड पर अन्ना आइकन बिल्डिंग स्थित पत्रिका डॉट कॉम, आगरा के कार्यालय में युवतियां एकत्रित हुईं। समाजसेवी और भाजपा नेत्री पायल सिंह ने उन्हें संकल्प दिलाया- ‘आज दिनांक 8-3-16 को महिला दिवस पर हम पत्रिका आगरा के कार्यालय में शपथ लेते हैं कि मां-बहन की गालियां नहीं सुनेंगी। पुरुषों से आग्रह करते हैं कि वे महिलाओं को मां-बहन की गाली न दें। गाली देने वालों की हम यथासंभव प्रतिकार करेंगी।‘

किसी को पिटना है तो गाली देः पायल सिंह
इस मौके पर पायल सिंह ने कहा कि मेरे से किसी को पिटना है तो गाली दे। गाली देने वालों के खिलाफ भी कानून बनना चाहिए। वैसे तो हम दुर्गा मां के नाम पर नौ दिन व्रत रखते हैं औऱ मां-बहन की गाली भी देते हैं। गाली देने का अर्थ है कि पूजा एक ढोंग है। जो नारी की सम्मान नहीं कर सकता, वो जीवन में कुछ नहीं कर सकता है।

अपने घर से करें शुरुआतः तूलिका कपूर
झुग्गी झोपड़ी के बच्चों को आर्यश्री संस्था के माध्यम से शिक्षित कर रहीं समाजसेवी तूलिका कपूर ने कहा कि मां-बहन की गालियां देने का चलन हम अपने घर से ही कर सकते हैं। बुद्ध ने कहा है कि कोई गाली दे तो चुप रहो। गाली देने वाले को वापस चली जाती है। इसकी भी एक सीमा है। विरोध भी करना चाहिए। अपने घर से शुरुआत करें।

गाली देने वालों के खिलाफ कानून बनना चाहिएः अनीता दुबे
गृहणी अनीता दुबे कहती हैं कि किसी को मारने से भी बड़ा अपराध गाली देना है, वह भी मां-बहन की गाली। हमारे घर में भी तो मां-बहन हैं। महिला के प्रति अश्लील बातें करना बड़ा अपराध है। गाली रोकने के लिए भी कानून बनना चाहिए।

विरोध करना चाहिएः मीनल सिंह
काउंसलर मीनल सिंह का कहना है कि एक समय के बाद विरोध करना चाहिए। घर से ही शुरुआत करें। कमाल की बात है कि गाली देने का विषय मां-बहन ही होता है। बोलने वाली की जुबान नहीं पकड़ सकते हैं, लेकिन टोक तो सकते हैं।

बच्चों को अच्छे संस्कार देः जया रानी
किड्जी स्कूल में टीचर जया रानी ने पूछा है कि आखिर लोग गाली क्यों देते हैं। गाली के केन्द्र में महिला ही क्यों होती है। फाइन लगे गाली देने वालों पर। स्कूल में बच्चे भी गाली देने लगते हैं। इसका मतलब है कि उसके घर वाले गाली देते है। घर में ही अच्छे संस्कार देने चाहिए।

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कार्रवाई होनी चाहिए
आवास विकास कॉलोनी निवासी आशु अग्रवाल और रश्मि अग्रवाल ने कहा कि गाली देने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। भले ही इसके लिए कानून बनाना पड़े। सेक्टर-6 निवासी लक्ष्मी और सुमन गौड़ ने भी इसी तरह की बात कही।


पुरुषों की लड़ाई में मां-बहन क्यों
सेक्टर 10 निवासी आकृति जैन ने कहा कि गालियां नहीं देनी चाहिए। मां-बहन को गाली देने का मतलब है देश को गाली देना। पुरुष अपनी लड़ाई में मां-बहनों को शामिल क्यों करते हैं।

न सुनेंगे, न देंगे गालियां
छात्रा अनुष्का सिंह ने कहा कि न तो हमें गालियां सुननी हैं और न ही किसी को देनी हैं। स्वयं को रोकें। कानून भी बनना चाहिए। फरह (मथुरा) की शिप्रा भट्ट का सुझाव है कि बचपन से ही गाली न देने की आदत डालनी चाहिए। पुरुषों को केन्द्र बनाकर भी गालियां दी जाती हैं। प्रीति भटनागर ने कहा कि गालियां न सुनें और न ही दें।

बच्चों को गाली देना न सिखाएं
सेन्ट जॉन्स कॉलेज की छात्रा कनीषा का कहना है कि गाली देना कोई मनोरंजन नहीं हैं। बच्चों को गाली देना न सिखाएं। केवल कानून बनाने से सारा काम नहीं होने वाला है। हमारी जिम्मेदारी है कि मां-बहन का केन्द्र बनाकर कोई गाली न देने पाए।
गाली देने वालों को टोकना शुरू करें
आनंद इंजीयिरंग क़ॉलेज में बीसीए की छात्रा राशि गुप्ता ने कहा कि लोग बीसी, एमसी कहने लगे हैं। लड़की देखकर गाली न दें लेकिन साला तो बोल ही देते हैं। समाज हमसे ही बनता है। हमारे पापा गाली देते हैं, तो हम उन्हें टोकते क्यों नहीं हैं। घर से शुरू करो गाली न देने की परंपरा। दूसरे पर आरोप लगाते रहने से कुछ नहीं होगा। हमें लोगों को दस बार टोकना पड़े तो टोकें।

गाली देने से बात का वजन नहीं बढ़ जाता है
सेन्ट जॉन्स कॉलेज की जीनत खान ने कहा कि गाली देने से बात का वजन नहीं बढ़ जाता है। अच्छे से समझाएं तो भी इंसान सुनेगा। गाली देने वाले को टोका जाना चाहिए। अकसर देखा गया है कि मां को गाली देने पर लड़ाई शुरू हो जाती है। अपने घर वालों को टोकना शुरू करें।

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