
Word Heart Day 2017
पैसे से भी मूल्यवान चीज रखें पर्स में
यह कहना है आगरा के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ.राजकुमार गुप्ता का। वे इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की वैज्ञानिक शाखा के सचिव भी हैं। साइकिलिंग के माध्यम से लोगों को स्वस्थ रहने का अभियान चला रहे हैं। उन्होंने पत्रिका से बातचीत में कहा- हम सब पेंट की जेब में पर्स रखते हैं। उसमें विजिटिंग कार्ड रखते हैं, आवश्यक कागज रखते हैं, अपना फोटो रखते हैं और अपनी गर्लफ्रेंड का फोटो रखते हैं। क्या ऐसा नहीं हो सकता है कि पर्स में पैसे से भी अधिक मूल्यवान चीज रखी जाए। इसका साफ मतलब है कि पर्स में जीवन रक्षक दवाइय़ां रखें, जो समय पर ले सकें और डॉक्टर तक पहुंचने का समय मिल जाए। अचानक छाती में दर्द हो, रक्तचाप और मधुमेह के रोगी हैं और डॉक्टर ने हृदयाघात की आशंका जताई है, तो ये दवाइयां काम आएंगी।
इन दवाइयों को रखें
जिन्हें हृदयाघात की आशंका है, उन्हें अपने पर्स में इन दवाइयों को रखना चाहिए- एस्पिरिन, टिकाग्रेरौल 90 एमजी, जो बिलिंटा के नाम से मिलती है, सार्बिट्रेट, बीटा ब्लॉकर। टिकाग्रेरोल नई दवा है, जो रक्त में जल्दी मिल जाती है। जब अचानक बेचैनी हो, घबराहट हो, कंधे में जाता हुआ दर्द हो, जबड़े में जाता हुआ दर्द हो, छाती में दबाव महसूस हो, पसीना आ रहा हो, सांस फूल रही हो, रक्तचाप (बीपी) बढ़ा हुआ हो तो हार्ट अटैक की आशंका हो जाती है। ऐस में दो गोलियां बिलिंटा, एक डिस्पिरिन, एक सार्बिट्रेट, एक गोली बीटा ब्लॉकर 12.5 और एंटासिड एक साथ ले सकते हैं। इसका लाभ यह होगा कि हृदयाघात होने पर डॉक्टर के पास तक पहुंचने का समय मिल जाएगा। ये दवाइयां हृदय को जीवंत रखेंगी। फिर आप अपने परिवार और अपने डॉक्टर की सलाह से हृदय की जांच कराएं। ये बातें आपके लिए लाभकारी होंगे। स्वस्थ भारत, समर्थ भारत।
Published on:
29 Sept 2017 01:17 pm
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