वाइल्फ लाइफ एसओएस की सह संस्थापिक गीता शेषमणी बताती हैं कि हमने हाथियों का संरक्षण 2009 में मथुरा और आगरा में शुरू किया। सबसे पहले चम्पा को देखरेख में लिया, जो निर्दयता का शिकार थी। अब तक 22 हाथी मुक्त कराये जा चुके हैं। इनका उपयोग सवारी, सर्कर, भीख मांगने के लिए किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि हम हाथी से बहुत कुछ सीख सकते हैं। विश्व हाथी दिवस पर हाथियों के सलाम है। हाथियों के बारे में 10 महत्वपूर्ण बातें जानते हैं।