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भारत में तम्बाकू सेवन से 2200 लोग रोज मर रहे, छोटी उम्र में धूम्रपान से हो रहा ये बड़ा रोग

तम्बाकू खाने से 50 फीसदी लोग आकस्मिक मौत का हो जाते हैं शिकार

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आगरा

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Amit Sharma

May 08, 2019

Tobacco

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आगरा। तम्बाकू और तम्बाकू से बने उत्पादों का सेवन करने वाले 20 लाख भारतीय प्रतिवर्ष मौत का शिकार हो जाते हैं। भारत में कैंसर से मरने वाले 100 रोगियों में 40 तम्बाकू के प्रयोग से मरते हैं। यह बातें सीएमओ कार्यालय सभागार में आयोजित राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम में हेल्थ प्रोफेशनल के लिए आयोजित संवेदीकरण कार्यशाला के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार वत्स ने कही। उन्होंने कहा कि तम्बाकू के सेवन से मुंह का कैंसर, फेफड़े का कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियां हो जाती हैं।

50 फीसदी लोग आकस्मिक मौत का शिकार

कार्यशाला के दौरान अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी व नोडल तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम डॉ. पीके शर्मा ने कहा कि छोटी उम्र यानि 13 से 15 साल की उम्र में तम्बाकू का सेवन करने पर नपुंसकता आ सकती है। प्रतिदिन 2200 भारतीयों तम्बाकू सेवन के कारण मरते हैं। डॉ. शर्मा ने बताया कि तम्बाकू सेवन के कारण 50 फीसदी लोग आकस्मिक मौत का शिकार हो जाते है। उन्होंने बताया कि धूम्रपान के अलावा तम्बाकू सेवन के कई और प्रकार हैं जैसे जर्दा, खैनी, हुक्का, गुटका, तम्बाकू युक्त मसाला आदि भी बीड़ी सिगरेट की तरह हानिकारक है। तम्बाकू सेवन से हृदय रोग, मधुमेह, टीबी, अभिघात दृष्टिहीनता व श्वांस सम्बन्धी बीमारी हो जाती है। उन्होंने कहा कि धूम्रपान करने वाला व्यक्ति न केवल अपने जीवन के लिए बल्कि अपने परिवार व समाज के लिए भी कैंसर का खतरा पैदा करता है।

महिलाओं में बांझपन की समस्या

कार्यशाला में मौजूद कार्यक्रम की जिला सलाहकार डॉ. आसिमा भटनागर ने कहा कि कुछ लोग डिप्रेशन मिटाने के लिए तम्बाकू उत्पादों का सेवन करते हैं और कुछ लोग इन्हीं उत्पादों को सेवन कर डिप्रेशन का शिकार हो जाते है। महिलाओं में बांझपन की समस्या आ जाती है। लोग मानसिक विकलांगता के शिकार हो जाते हैं।

पूरे माह चलेंगी गतिविधियां
डॉ. पीके शर्मा ने बताया कि वर्ड नो टुबैको डे (31 मई) को लेकर पूरे माह तरह-तरह की गतिविधियां होंगी। इन गतिविधियों के जरिये लोगों को धूम्रपान के प्रति जागरुक किया जायेगा। इसके लिए शहर और ग्रामीण क्षेत्र में पोस्टर बैनर लगाकर लोगों को जागरुक किया जा रहा है। इसके अलावा वॉल पेन्टिंग और रैली निकालकर भी लोगों में जागरुकता फैलायी जायेगी।

कोटपा कानून की दी जानकारी
कार्यशाला के दौरान हेल्थ प्रोफेशनल को सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) 2003 की धाराओं की जानकारी दी गयी। उन्हें बताया कि धारा 4,5,6,7 और 8 में किस तरह के जुर्माना और कारावास का प्रावधान रखा गया है।

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