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ग्राउंड रिपोर्ट: दिल्ली का पानी आगरा के लिए बनेगा मुसीबत, 493 फीट पहुंचा लेबल

बल्केश्वर नगर स्थित पार्वती घाट, कैलाश मंदिर, हाथी घाट पर बढ़ा यमुना का जलस्तर

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आगरा

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Abhishek Saxena

Aug 01, 2018

yamuna

ग्राउंड रिपोर्ट: दिल्ली का पानी आगरा के लिए बनेगा मुसीबत, 493 फीट पहुंचा लेबल

आगरा। दिल्ली से छोड़ जा रहे पानी ने आगरावासियों के लिए मुसीबत बढ़ा दी है। यमुना का जलस्तर लो फ्लड लेबल तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में यदि यमुना में जलस्तर इसी कदर बढ़ा तो निछले इलाकों में बसे घरों में पानी भरना शुरू हो जाएगा। आगरा प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। लेकिन, स्थानीय नागरिकों तक अभी प्रशासन का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा है।

यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ गया
नाले में तब्दील हो चुकी यमुना में जब हथिनीकुंड बैराज का पानी छोड़ा गया तो नजारा ही बदल गया। कल कल करती कालिंदी का जलस्तर बुधवार सुबह तेजी से बढ़ गया। बल्केश्वर घाट में लो फ्लड लेबल 493 फीट तक पहुंच गया। आगरा में फ्लड लेबल 499 फीट है। दिल्ली के हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी यमुना के लिए आफत बन रहा है। जलस्तर डेंजर जोन तक पहुंच रहा है। माना जा रहा है कि यमुना में चार किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से जलस्तर बढ़ रहा है। कैलाश मंदिर, बल्केश्वर घाट, हाथी घाट पर यमुना लबालब दिखाई दे रही हैं। ताजमहल के पीछे भी यमुना लबालब है। माना जा रहा है कि यदि अब किसी बैराज से पानी छोड़ा गया तो जलस्तर बढ़ने से यमुना खतरे के निशान को छू लेगी।

आई थी 1978 में बाढ़
यमुना में पानी का जलस्तर बढ़ने पर पत्रिका टीम ने मौके पर पहुंचकर वहां के हालातों का जायजा लिया। स्थानीय नागरिक महेश कुमार ने बताया कि 1978 में आगरा के बल्केश्वर के इसी स्थान से बाढ़ आई थी। महेश कुमार ने बताया कि तीन चार दिनों तक बाढ़ का पानी घरों में रहा था। आज यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। लेकिन, प्रशासन द्वारा कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। सिर्फ कागजों पर ही काम किया जा रहा है। यदि 1978 के हालात दोहरा गए तो लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ेगा। नगर निगम की टीम ने क्षेत्र के सीवर भी अभी तक साफ नहीं किए हैं। ऐसे में पानी घरों में घुस जाएगा और निकल नहीं सकेगा। साल 2013 में भी पानी का स्तर बढ़ने से पानी लोगों के घरों में घुस गया था। लेकिन, आज हालात बद से बदत्तर हो जाएंगे।