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फिरोजाबाद। यमुना के जल स्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्तमान में यमुना गांव की सीमा से लगकर बह रही है। माना जा रहा है हथिनी कुंड से छोड़ा गया पानी बुधवार शाम तक यहां आ सकता है। ऐसे में यदि छोड़ा गया पानी यहां आया तो गांवों के हालात भयावह होंगे। ग्रामीणों के निकलने को जगह नहीं बचेगी तो उनकी फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी। यमुना के हालातों को लेकर ग्रामीण पल-पल की खबर रखे हुए हैं। 24 घंटे ग्रामीण एक के बाद एक करके पूरे गांव को यमुना के हालातों से रूबरू करा रहे हैं।
यमुना की तलहटी में बसे हैं दर्जनों गांव
यमुना की तलहटी में बसे दर्जनों गांवों में यमुना का पानी कभी भी प्रवेश कर सकता है। बरसात के पानी से यमुना उफान पर है। हथिनी कुंड से छोड़े गए पानी ने ग्रामीणों को टेंशन दे दी है। ग्रामीण यमुना के बढ़ते जल स्तर पर निगाह रखे हुए हैं। यमुना का जल स्तर यदि गांव में पहुंच गया तो ग्रामीणों को नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल ग्रामीणों ने स्वयं ही अपने स्तर से छोटे बच्चों को यमुना की ओर जाने से रोक दिया है।
तहसील प्रशासन बनाए हुए है नजर
तहसील प्रशासन द्वारा भी यमुना में तैराकी न करने और मछली पकडऩे को लेकर गांव में अलर्ट जारी कर दिया है। यमुना का पानी किसानों की खेतों से टकरा रहा है। पीछे छोड़े गए पानी के आते ही खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो जाएगी। यमुना के बढ़ते जल स्तर को लेकर खंड विकास अधिकारी डॉ. नीरज गर्ग ने ग्राम पंचायत अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की है। उन्होंने सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वह नियमित मौके पर जाकर गांवों की स्थिति का आंकलन करें। यदि किसी भी प्रकार के नुकसान की आशंका है तो संबंधित गांव के लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में मदद करें। ग्रामीणों का कहना है कि बुधवार शाम तक जटपुरा गांव में पानी आ सकता है।
Published on:
01 Aug 2018 11:35 am
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