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गुजरात की माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों के 13 हजार पद रिक्त

कांग्रेस विधायक अमित चावड़ा के सवाल पर सरकार का जवाब, दो साल में 4138 ज्ञान सहायक किए भर्ती, कांग्रेस ने साधा निशाना

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गुजरात की माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों के 13 हजार पद रिक्त

गुजरात की माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों के 13 हजार पद रिक्त

गुजरात की सरकारी और अनुदानित माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों के 13 हजार पद रिक्त हैं। सरकार ने यह जानकारी मंगलवार को गुजरात विधानसभा में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक अमित चावड़ा की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में दी।

आंकलाव से विधायक व कांग्रेस विधायक दल के नेता अमित चावड़ा ने पूछा कि 31 दिसंबर 2023 की स्थिति में गुजरात राज्य की सरकारी व अनुदानित माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों के कितने पद रिक्त हैं। दो साल में कितने ज्ञान सहायकों की भर्ती की गई। रिक्त पदों पर कब तक भर्ती की जाएगी।

सदन में शिक्षामंत्री की ओर से दी गई जानकारी में बताया कि 31 दिसंबर 2023 की स्थिति में गुजरात में शिक्षकों के 13013 पद रिक्त हैं। सरकारी माध्यमिक स्कूलों में 1057 पद, उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में 1287 पद सहित कुल 2344 पद रिक्त हैं। अनुदानित माध्यमिक स्कूलों में 5206 पद और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में 5453 पद सहित कुल 10699 पद रिक्त हैं।

मंत्री ने बताया कि बीते दो सालों में इन पदों में से 4138 पदों पर ज्ञान सहायकों की भर्ती की गई है, जिसमें से 2023 में सरकारी माध्यमिक स्कूलों में 671 ज्ञान सहायक, अनुदानित स्कूलों में 3467 ज्ञान सहायकों की भर्ती की गई है। ज्ञान सहायकों की दूसरे चरण की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है।

शिक्षकों के ही पद हैं खाली, कैसे पढ़ेंगे विद्यार्थी

अमित चावड़ा ने इस मामले में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन डबल इंजन की सरकार इस जिम्मेदारी से हाथ पीछे खींच रही है। शिक्षा के निजीकरण में लगी है। प्रवेश उत्सव, गुणोत्सव के नाम पर सरकारी कार्यक्रम होते हैं, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता के लिए जरूरी कक्षाओं के निर्माण और शिक्षकों की भर्ती में सरकार पीछे है। इसमें सरकार की इच्छा शक्ति की कमी दिखाई दे रही है। आज हम शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ रहे हैं, इसके पीछे सरकार की निजीकरण की नीति जिम्मेदार है। शिक्षकों के पद ही खाली हैं ऐसे में बच्चे कैसे पढ़ेंगे।

11 महीने के करार पर भर्ती कर संतोष मान रही सरकार

चावड़ा ने कहा कि सरकार पूर्णकालिक शिक्षकों की भर्ती नहीं कर रही है। भर्ती कर भी रही है तो 11 महीने के करार पर ज्ञान सहायकों की भर्ती कर रही है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। राज्य में हजारों टैट, टाट पास उम्मीदवार भर्ती की राह देख रहे हैं, जबकि सरकार करार पर भर्ती कर संतोष मान रही है। इतना ही नहीं सरकार ने कोई समय मर्यादा भी नहीं बताई है कि इन रिक्त पदों को कब तक भरा जाएगा।