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IIM-Ahmedabad: पीजीपीएक्स कोर्स के 17वें बैच में 22 फीसदी छात्राएं

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IIM-Ahmedabad:  पीजीपीएक्स कोर्स के 17वें बैच में 22 फीसदी छात्राएं

IIM-Ahmedabad: पीजीपीएक्स कोर्स के 17वें बैच में 22 फीसदी छात्राएं

22 percent of the new PGPX batch of IIM-Ahmedabad comprises women

नगेन्द्र सिंह

अहमदाबाद. भारतीय प्रबंध संस्थान अहमदाबाद (आईआईएम-ए) के एक वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन मैनेजमेंट फॉर एक्जीक्यूटिव्स (पीजीपीएक्स) के 17वें बैच में प्रवेश पाने वाले 140 विद्यार्थियों में सिर्फ 22 फीसदी छात्राएं हैं। यह 2021 बैच की तुलना में करीब 6 प्रतिशत कम है। 2021-22 के 140 विद्यार्थियों के बैच में 28 फीसदी छात्राएं थीं। आईआईएम-ए के 2022-23 के इस बार के बैच में 140 में 31 छात्राएं हैं।
आईआईएम-ए के अनुसार इस बैच की विशेषता यह है कि 2020 के बाद इस बैच का ग्रेजुएट मैनेजमेंट एडमिशन टेस्ट (जीमेट) स्कोर सबसे ज्यादा है। इस बैच का स्कोर 713 है, जो 2021-22 के बैच का 701 था।
इस वर्ष के बैच में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का औसत कार्य अनुभव 7 साल से ज्यादा है। 20 विद्यार्थी ऐसे हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने का अनुभव है। 122 इंजीनियर हैं जिनमें से 17 ने आईआईटी या फिर एनआईटी से पढ़ाई की है। 10 ने विदेश में पढ़ाई की है जबकि 32 स्नातकोत्तर या अन्य प्रोफेशनल डिग्री धारक हैं।

टीचर, डॉक्टर, आईटी प्रोफेशनल, शेेफ भी

वर्ष 2022-23 के इस बैच में इंजीनियर के साथ-साथ टीचर, शेफ, डॉक्टर, आईटी प्रोफेशनल, सॉफ्टवेयर डवलपर, आर्किटेक्ट और फिल्म मेकर भी शामिल हैं। शिपिंग एंड लॉजिस्टिक्स, मैन्यूफैक्चरिंग, डिफेंस एंड सिक्युरिटी क्षेत्र में काम कर चुके लोग भी इस बैच का हिस्सा हैं।

ट्यूशन बिना आईआईएमए में पाया प्रवेश

उत्तरप्रदेश में प्रयागराज की रहने वालीं कोमल अग्रवाल ने 2016 में एमबीए करने का सपना देखा था। उस वर्ष उन्होंने जीमैट दिया था, लेकिन तब सपना पूरा नहीं हो सका। इस बीच उनका विवाह हो गया। 8 वर्षों तक कई कंपनियों में आईटी पेशेवर के रूप में काम करने के दौरान वे रात को जीमैट की तैयारी करती थीं। अब 2022 में आकर आईआईएम-ए जैसे संस्थान से एमबीए करने का सपना पूरा होगा। उन्होंने बताया कि बिना ट्यूशन के भी आईआईएम-ए जैसे संस्थान में प्रवेश संभव है। निरंतर प्रयास और कड़ी मेहनत की जरूरत होती है। उनके पिता राजस्थान के अजमेर से हैं।
कोमल बताती हैं कि वे मां भी हैं, उनके 11 महीने का एक पुत्र आद्विक है। वे आगे चलकर आईटी क्षेत्र में लीडरशिप की भूमिका में भविष्य बनाना चाहती हैं। स्टार्टअप भी विकल्प हो सकता है। इन दिनों वे पुत्र की चिंता करते हुए प्रबंधन के गुर सीखने में व्यस्त हैं।

विविधता से भरपूर है इस साल का बैच

पीजीपीएक्स का इस साल का बैच शैक्षणिक और व्यावसायिक पृष्ठभूमि के लिहाज से विविधता से भरपूर है। छात्राओं की भी अच्छी खासी संख्या है। ऐसे में यह विविधता सीखने और क्लासरूम में होने वाली चर्चा को और समृद्ध बनाने में मददगार होगी।

-प्रो.विश्वनाथ पिंगली, अध्यक्ष, पीजीपीएक्स