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कैंसर मरीजों में से 33 फीसदी को मुंह और गले का कैंसर

जीसीआरआई देश का ऐसा पहला अस्पताल जहां कैंसर की रोबोटिक सर्जरी की सुविधा- 5 वर्षों में गले और मुंह के कैंसर के 25000 मरीजों का उपचार -वर्ल्ड हेड एंड नेक कैंसर डे पर विशेष

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Ahmedabad GCRI

कैंसर के सामने आने वाले मरीजों में से 33 फीसदी को मुंह और गले का कैंसर पाया गया है। अहमदाबाद सिविल मेडिसिटी कैंपस स्थित गुजरात कैंसर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (जीसीआरआई) में पिछले पांच वर्षों में पहुंचे 77650 मरीजों में से 25000 से अधिक मरीजों को मुंह और गले का कैंसर था।देश में जीसीआरआई ऐसा पहला सरकारी अस्पताल है, जहां कैंसर मरीजों के लिए रोबोटिक सर्जरी की सुविधा है। यही कारण है कि यहां न सिर्फ गुजरात बल्कि देश के अन्य कई राज्यों से भी कैंसर मरीज उपचार को पहुंचते हैं।

गुजरात सरकार, गुजरात कैंसर सोसाइटी और जीसीआरआई ट्रस्ट संचालित इस अस्पताल में पिछले पांच वर्षों में 77,650 मरीजों ने कैंसर का उपचार लिया। इनमें से 25,408 (33 प्रतिशत) मरीज मुंह और गले के कैंसर से जूझ रहे थे। यह आंकड़ा व्यसन के प्रति सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता को भी दर्शाता है। इस अस्पताल में रोबोट से भी मरीजों की सर्जरी की जाती है, इस तरह की सुविधा देश के अन्य किसी सरकारी अस्पताल में नहीं है।

प्रति वर्ष 48 हजार से अधिक कीमोथेरेपी सत्र

जीसीआरआई अस्पताल के निदेशक डॉ. शशांक पंड्या के अनुसार अस्पताल में प्रतिवर्ष औसतन 5,453 बड़ी और 6,494 छोटी सर्जरी की जाती हैं। वर्ष में औसतन 48,568 कीमोथेरेपी दी जाती हैं। इसके अलावा करीब छह हजार मरीजों को रेडियोथेरेपी से उपचार दिया जाता है। बोन मेरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी) के लिए भी दायरा बढ़ा दिया है। अब यहां बीएमटी के बेड चार से बढ़ाकर 11 कर दिए हैं।

कैंसर स्क्रीनिंग ओपीडी में 49000 की जांच

डॉ. पंड्या के अनुसार अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए भी कैंसर स्क्रीनिंग ओपीडी सुविधा है। इस नि:शुल्क सुविधा से अब तक 49 हजार लोगों की जांच की जा चुकी है, इनमें से 104 को कैंसर की पुष्टि हुई है। इसका फायदा ये हुआ कि ॉइनका समय से उपचार शुरू हो गया।कैंसर का बड़ा कारण है तंबाकू

डॉ. पंड्या के अनुसार जिस तरह के कैंसर के मरीज सामने आ रहे हैं उसका सबसे बड़ा कारण किसी भी रूप में तंबाकू का सेवन है। उनका कहना है कि तंबाकू का सेवन छोड़ देने से कैंसर के मामलों में कमी आ सकती है।