
डिजिटल अरेस्ट कर ठगने के मामले में लिप्त चार आरोपियों को सोला हाईकोर्ट पुलिस ने धर दबोचा है। गिरोह ने शिकायतकर्ता को डरा धमकाकर डिजिटल अरेस्ट रखते हुए 97 हजार रुपए की चपत लगाई थी। पकड़े गए आरोपियों में प्रिंस रविपरा (21), जैमिनगिरी गोस्वामी (24), तनवीर मधरा (30) और साहिल मुलतानी (25) शामिल हैं। पीडि़त ने सोला हाईकोर्ट में दर्ज कराई शिकायत में कहा कि उन्हें एक व्यक्ति ने फोन कर खुद की पहचान मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी के रूप में दी। फिर स्काइप एप्लीकेशन के जरिए वीडियो कॉल करके कहा कि तुम्हारे ऊपर मनी लॉन्डरिंग का केस दर्ज है। ऐसे कह डराया धमकाया और फिर उनके बैंक खाते से 97 हजार रुपए यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिए पार कर दिए।
जांच में पता चला कि इसमें मुख्य आरोपी प्रिंस रविपरा है। यह चाइनीज नंबरधारकों के साथ संपर्क में था। उन्हें भारत के बैंक अकाउंट किराए पर देता था। इतना ही नहीं उन्हें ऊंची कीमत पर डिजिटल करेंसी (यूएसडीटी) बेचता था।
जैमिनगिरी गोस्वामी किराए पर लिए गए बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने वाला एजेंट है। तनवीर मधरा और साहिल मुलतानी ने प्रिंस को किराए पर अपने बैंक अकाउंट दिए थे। इसके लिए उन्हें कमीशन मिलता था।
आरोपी प्रिंस और जैमिन दोनों खुद भी प्लस 44 नंबर से शुरू होने वाले चाइनीज नंबर का उपयोग करते हैं। दोनों ने बायनान्स एप और टेलीग्राम चैनल के जरिए चाइनीज प्रोसेसरों का संपर्क किया । प्रिंस चाइनीज प्रोसेसरों को ऊंची कीमत में बिटकॉइन (यूएसटीडीटी कॉइन)बेचता था। उसके सामने प्रोसेसरों को किराए पर लिए बैंक अकाउंट की जानकारी देकर , ठगी की राशि जमा करवाता था। प्रिंस जमा हुई ठगी की राशि को जैमिन को भेजता था। जैमिन उसे प्रोसेस करता था। दोनों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं। प्राथमिक जांच में पता चला कि यह कई विदेशी लोगों से संपर्क में थे।
जैमिन पालनपुर साइबर क्राइम ब्रांच में दर्ज एक मामले में और मोडासा टाउन थाने में दर्ज मामले में वांछित है। प्रिंस वडोदरा शहर साइबर क्राइम ब्रांच में दर्ज मामले में गिरफ्तार हो चुका है। जमानत पर छूटा है।
जोन-1 के पुलिस उपायुक्त बलराम मीणा ने कहा कि पुलिस कभी भी किसी आरोपी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। वीडियो कॉल करके अरेस्ट नहीं करती है।
Published on:
16 Jan 2025 10:48 pm
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