
मेहसाणा. जिले के खेरवा स्थित गणपत यूनिवर्सिटी का 19वां दीक्षांत समारोह गुरुवार को आयोजित हुआ। इस अवसर पर 4721 विद्यार्थियों को डिग्री, 101 को गोल्ड मेडल, 32 को पीएचडी की उपाधि दी गई।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन ने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और राष्ट्र निर्माण में जुटने की अपील की। उन्होंने निरंतर सीखते रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि भारत ने साइकिल पर रॉकेट ले जाने से लेकर चंद्रमा तक पहुंचने तक का सफर तय किया है। चंद्रयान-3 की सफलता भारत की तकनीकी क्षमता का प्रमाण है।
उन्होंने छात्रों से कहा कि डिग्रियां हासिल करना केवल एक शुरुआत है, असली चुनौती देश के तकनीकी नेतृत्व और विकास में योगदान देना है। नारायणन ने छात्रों को अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने और बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करने का हौसला दिया। उन्होंने ज्ञान प्राप्ति के साथ-साथ नवाचार की भावना बनाए रखने पर जोर दिया। इसरो की कार्यशैली का उदाहरण देते हुए उन्होंने युवाओं से जीवन के हर क्षेत्र में अनुशासन और जिज्ञासा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति में युवाओं का योगदान और तकनीकी कौशल ही देश को वैश्विक नेतृत्व दिलाएगा।
शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा ने सौराष्ट्र के सोमनाथ से वर्चुअल माध्यम से जुड़कर कहा कि शिक्षा केवल नौकरी का साधन नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन का शक्तिशाली शस्त्र है। उन्होंने युवाओं से जॉब क्रिएटर बनने की अपील की और बताया कि डिग्री तभी सार्थक है जब उससे समाज को लाभ मिले। विशिष्ट अतिथि अमूल के चेयरमैन अशोक चौधरी थे।
यूनिवर्सिटी के संस्थापक पद्मश्री गणपत पटेल ने विद्यार्थियों को मानवीय मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा दी। प्रो-चांसलर महेंद्र शर्मा ने बताया कि यूनिवर्सिटी को गुजरात सरकार ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा दिया है। यूनिवर्सिटी ने 15 नए पाठ्यक्रम शुरू किए हैं और 100 से अधिक पेटेंट दर्ज कराए हैं।
Published on:
08 Jan 2026 10:23 pm
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