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ब्रिटेन का वीजा दिलाने के बहाने 5 युवकों को लगाई 80 लाख की चपत

-कर्नाटक की वीजा कंसल्टिंग कंपनी के कर्मचारी अहमदाबाद की ब्रांच ऑफिस बंद कर फरार, सेटेलाइट थाने में प्राथमिकी दर्ज

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विदेश जाने की चाहत रखने वाले लोगों को वीजा, विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने का एक और मामला शहर में सामने आया है। ब्रिटेन का वीजा दिलाने के नाम पर 5 लोगों को 80 लाख रुपए की चपत लगाने की एफआईआर सेटेलाइट थाने में दर्ज हुई है। ठगी का पता तब चला जब वीजा कंसल्टिंग एजेंसी ने श्यामल इलाके में स्थित अपनी ब्रांच ऑफिस बंद कर दी और कर्मचारी फरार हो गए।

सेटेलाइट पुलिस के अनुसार गांधीनगर जिले में कलोल बोरीसरा रोड पर महालया टेनामेंट निवासी भार्गव लिंबाचिया (22) ने इस संबंध में कर्नाटक बेंगलुरू के कल्याणनगर निवासी जुहाल सिराज और श्रीजीस पी शंकरण के विरुद्ध ठगी एवं विश्वासघात का मामला दर्ज कराया है। भार्गव को 19 लाख की चपत लगाई है। इन पर खेड़ा जिले के गांधीपुरा गांव निवासी धर्मेन्द्र सोलंकी को 16.30 लाख रुपए, महेसाणा विसनगर निवासी मितेश पटेल को 25 लाख, जमालपुर निवासी आतिफ शेख को 16 लाख, गोता वंदेमातरम निवासी विशाल पटेल को 3 लाख रुपए की चपत लगाने का भी आरोप है।

एफआईआर के तहत भार्गव खुद वीजा कंसल्टिंग का काम करता है। उसे ब्रिटेन (यूके) जाना था। वर्ष 2023 में वीजा के लिए उसने सोशल मीडिया पर सर्च किया तो उसे आईई4यू ग्लोबल नाम की कंपनी के बारे में पता चला। यह कंपनी कर्नाटक बेंगलुरू कल्याणनगर में स्थित थी। इसकी ब्रांच ऑफिस अहमदाबाद में श्यामल चार रास्ते के पास श्यामल आइकॉनिक कॉम्पलैक्स में स्थित थी। वहां जाकर उसने ऑफिस में संपर्क किया तो फालीशा शाह नाम की युवती से संपर्क हुआ था। उसने वीजा कराने की बात कही और बताया कि कंपनी के निदेशक जुहाल सिराज और श्रीजीस पी शंकरण हैं। उसने जुहाल का मोबाइल नंबर भी दिया था।

45 दिन में वीजा की गारंटी, एक व्यक्ति से 20 लाख वसूलते

एफआईआर के तहत भार्गव ने जुहाल सिराज से संपर्क किया तो उसने 45 दिन में गारंटी से ब्रिटेन का वीजा दिलाने की बात कही। इसके लिए 20 लाख रुपए मांगे थे। भार्गव ने सात अक्टूबर 2023 को तीन लाख का चेक, एक नवंबर 2023 को 17 लाख रुपए शारदा लिंबाचिया के दो बैंक खातों खाते से आरटीजीएस के जरिए दिए। उसे एक महीने में वीजा आने का भरोसा दिया। फरवरी 2024 तक भी वीजा नहीं आने पर पैसे वापस मांगे तो जुलाई 2024 में जुहाल ने एक करार कराया और 25 सितंबर 2024 तक पैसे देने की बात कही। इस बीच 22 सितंबर को एक लाख लौटाए। 19 लाख नहीं लौटाए।

सितंबर में ही कार्यालय बंद कर फरार

भार्गव जब सितंबर महीने के अंतिम दिनों में श्यामल आइकॉनिक ब्रांच ऑफिस में गया तो ऑफिस बंद थी। कर्मचारी फरार थे। उसे पता चला कि उसके जैसे चार और लोग इस कंपनी ने वीजा दिलाने के नाम पर चपत लगाई है। ऐसे में इनके विरुद्ध शिकायत दी, जिस पर सेटेलाइट पुलिस ने 9 नवबंर को प्राथमिकी दर्ज की है।