
'कुनबा' बढ़ाने में भी कमाल कर रहा कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय
नगेन्द्र सिंह
अहमदाबाद. शहर में तेजी से बढ़ रहे 'कंक्रीट के जंगल' (इमारतों) के बीच कांकरिया तालाब किनारे 68 सालों से 117 एकड़ में फैला कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय (अहमदाबाद जू) पशु-पक्षियों-सरीसृपों का 'कुनबा' बढ़ाने में भी कमाल कर रहा है।
लुप्त होने की कगार पर पहुंची अनुसूची-एक (शिड्यूल्ड-1) में शामिल काला किरण, अजगर, निकोबार कबूतर, स्पून बिल की आबादी अहमदाबाद प्राणी संग्रहालय में पिंजरे में कैद रहने के बावजूद भी हर साल बढ़ रही है। स्थिति ये है कि गुजरात ही नहीं बल्कि देश के अन्य प्रदेशों के प्राणी संग्रहालयों को भी काला हिरण, निकोबर कबूतर, स्पून बिल दिए जा रहे हैं।
भारतीय हिरण (हॉग डियर), कंचन मृग के अलावा सियार, चमगादड़, भारतीय सेही, लंगूर, लाल मुंह का बंदर भी यहां कैद रहते हुए भी अपना परिवार बढ़ा रहे हैं। वह भी तब जब यहां कांकरिया प्राणी संग्रहालय में इन पशु-पक्षी-सरीसृपों को देखने के लिए हर दिन हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं। इसके बावजूद भी संग्रहालय में इन्हें उनके अनुकूल आबोहवा, खानपान, माहौल मिल सके इसका ध्यान रखा जा रहा है। जिसकी वजह से ये पनप तो रहे ही हैं बढ़ भी रहे हैं।
अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया के पक्षी भी बढ़ा रहे आबादी
देश के ही नहीं बल्कि विदेश में अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया के पक्षियों को भी अहमदाबाद प्राणी संग्रहालय की आबोहवा हवा अब इतनी रास आने लगी है कि वे यहां भी अपना कुनबा बढ़ाने लगे हैं। इसमें ऑस्ट्रेलिया का ईमू,लवबल्र्ड (तीन प्रकार के), कोकिटेल्स के अलावा ग्रे पैरेट भी शामिल है। ईमू के तो छह बच्चे अभी तीन माह पहले ही कांकरिया प्राणी संग्रहालय के पिंजरे में हुए हैं।
करीब ५० पशु-पक्षी-सरीसृपों की हो रही ब्रीडिंग
एक्स सीटू कंर्वेशन (पिंजरे में कैद), इन सी टू कंजर्वेशन (खुले में) दोनों को मिलाकर करीब ५० पशु-पक्षी-सरीसृपों की अहमदाबाद का कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय ब्रीडिंग कर रहा है। काले हिरण हर साल एक बच्चा पैदा होता है। निकोबार कबूतर जो देश में सबसे ज्यादा संख्या में अहमदाबाद जू में ही हैं। उसके करीब 29 कबूतर हैं। हर साल दो से तीन कबूतर पैदा होते हैं। इसके अलावा स्पून बिल जो अभी 30 हैं। यह भी हर साल दो तीन पैदा होते हैं। रोजी पेलिकन के भी 15-16 साल से बच्चे पैदा हो रहा हैं। इस साल तीन बच्चे पैदा हुए हैं। अभी 40 रोजी पेलिकन हैं। जू की स्थापना के ६४ साल बाद अजगर के बच्चे पैदा हो रहे हैं। तीन सालों से तो अजगर के भी बच्चे पैदा हो रहे हैं। एक साल १६, दूसरे साल १७ और तीसरे साल करीब ७ से ८ बच्चे अजगर के पैदा हुए हैं। हॉग डियर के हर साल बच्चे होते हैं। अभी ५५ से ६० हैं।
-डॉ. आर.के.साहू, निदेशक, कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय, अहमदाबाद
Published on:
15 May 2019 08:37 pm
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