
साबरमती नदी को साफ करने के लिए ५४७ करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट
अहमदाबाद. शहर से गुजर रही साबरमती नदी के पानी को साफ करने के लिए महानगरपालिका ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण एक्शन प्लान की घोषणा की है। शहर के विविध भागों में दूषित नदी के पानी को साफ करने के लिए ५४७ करोड़ रुपए का मेगा प्रोजेक्ट तैयार होगा। जिसके अन्तर्गत अलग-अलग क्षेत्रों में नदी में गिरने वाले ४० नालों के दूषित पानी को ट्रीट करने के बाद ही नदी में छोड़ा जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि इस मेगा प्रोजेक्ट के चलते आगामी दिनों में नदी के पानी की प्रदूषण की मात्रा शून्य हो जाएगी। इस योजना का खर्च मुख्यमंत्री स्वर्णिम योजना तथा अमृतम योजना के अन्तर्गत वहन होगा।
महापौर बीजल पटेल, स्थायी समिति के अध्यक्ष अमूल भट्ट तथा शासक पक्षके नेता अमित शाह की उपस्थिति में मंगलवार को मनपा आयुक्त विजय नेहरा ने कहा कि नदी में प्रदूषण की मात्रा बढऩे से मुख्यमंत्री ने नदी को स्वच्छ रखने के आदेश दिए हैं। जिसे मनपा ने गंभीरता से लिया है। साबरमती नदी में गिरने वाले नालों के पानी को ट्रीट करने के बाद ही छोड़ा जाएगा। इसके पीछे ५४७ करोड़ रुपए के खर्च से मेगा प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। साबरमती नदी के समांतर नौ नए सिवेज ट्रीटमेंट प्लान्ट तैयार किए किए जाएंगे। इनमें से वाडज जलविहार में ६० एमएलडी पानी को शुद्ध करने की क्षमता वाले प्लान्ट के पीछे ७२ करोड़ का खर्च आएगा। यह प्लान्ट आगामी दिसम्बर के अंत तक तैयार हो जाएगा। इसके माध्यम से राणिप, बकरा मंडी, वाडज तथा नारणपुरा क्षेत्र से आने वाले पानी को ट्रीट किया जा सकेगा। इसी तरह से दूसरा ट्रीटमेंट प्लान्ट ४३ करोड़ के खर्च से वासणा में तैयार होगा। जहां ४८ एमएलडी पानी को ट्रीट करने वाली पालन्टा आगामी डिसम्बर माह तक तैयार हो जाएगा। इससे वेजलपुर तथा वासणा विस्तार के पानी को ट्रीट किया जाएगा।
सात प्लान्ट अगले वर्ष से तैयार होंगे
मनपा आयुक्त के अनुसार अक्टूबर २०१९ से डिसम्बर २०२० तक और सात सिवेज ट्रीटमेंट प्लान्ट कार्यरत होंगे। कुल ४९८ एमएलडी पानी को ट्रीट करने की क्षमता वाले नौ प्लान्ट तैयार होंगे। जिससे नदी के पानी को शुद्ध रखा जा सकेगा। पूर्व तथा पश्चिम किनारों से साबरमती नदी में ४० नालों का पानी गिरता है। स्वच्छ साबरमती अभियान के अन्तर्गत मनपा अधिकारियों की टीम तीन माह में सर्वे कर नदी के पानी की जांच कर रिपोर्ट बनाएगी। रिपोर्ट योजना का आधार रहेगी। उसी से डिजाइन तैयार होगी।
१४३ एमएलडी पानी बिना ट्रीट ही गिरता है
मनपा आयुक्त के अनुसार नदी में आने वावे ९६० एमएलडी पानी पानी में से ८१७ एमलडी को ट्रीट किया जाता है जबकि शेष१४३ एमएलडी पानी बिना ट्रीट के ही नदी में आता है। स्वच्छ साबरमती अभियान के अन्तर्गत लागू किए गए एक्शन प्लान से नदी के आसपास का वातावरण भी शुद्ध होगा। इससे एक ही जगह सिवेज एकत्र नहीं होगा। नदी के किनारे डी सेन्ट्रालाइज्ड एस.टी.पी. बनने से ड्रेनेज लाइन ओवरफ्लो होने की समस्या भी दूर हो सकेगी।
Published on:
01 Nov 2018 11:02 pm
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