
अहमदाबाद. अणुव्रत समिति की स्थानीय इकाई की ओर से 69वें अणुव्रत स्थापना दिवस का आयोजन गांधीनगर जिले में कोबा स्थित महाप्रज्ञ विद्या निकेतन में किया गया। प्रारंभ में विद्यालय के विद्यार्थियों ने अणुव्रत रैली निकाली। रैली में अणुव्रत उद्घोष के विभिन्न बैनर लेकर विद्यार्थियों नेे उत्साह के साथ अणुव्रत के नारे लगाए।
इसके बाद महाप्रज्ञ विद्या निकेतन में आयोजित कार्यक्रम में साध्वी चंदनबाला ने कहा कि हर व्यक्ति को दीपक की तरह बनना चाहिए जो स्वयं जलकर ओरों को प्रकाश देता है, साथ ही हजारों दीपक को भी जला सकता है। उसी तरह हर विद्यार्थी स्वयं अच्छा इनसान बनकर ओरों को भी अच्छा इनसान बनाकर स्वस्थ समाज व स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण कर सकता है।
उन्होंने एबीसीडी का नया अर्थ बताया। उन्होंने बताया ए अर्थात अवेयरनेस यानी पढ़ते समय जागरूकता बनी रहे। बी अर्थात बिलिव्स यानी परस्पर विश्वास बनाए रखें। सी अर्थात केरेक्टर यानी चरित्र शुद्ध व बेदाग हो और डी अर्थात डिसिप्लेन यानी अनुशासित बने रहो। उन्होंने कहा कि इससे व्यक्ति नैतिकता को अपने जीवन में सार्थक कर सकता है।
अणुव्रत आचार संहिता के संकल्प करवाए
साध्वी राजश्री ने अणुव्रत व अणुव्रत आचार संहिता के बारे में जानकारी देते हुए विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों को भी अणुव्रत आचार संहिता के संकल्प करवाए। साध्वी प्रणवयशा भी उपस्थित थीं। महाप्रज्ञ विद्या निकेतन की प्रिन्सिपल आभा दुबे ने बताया कि विद्यालय में अणुव्रत के नियमों का पालन होता ही है और व्यवहारिक जीवन में भी आत्मसात करने की निरन्तर कोशिश करते हैं। विद्यालय की अधीक्षक सुकीर्ती सिन्हा ने अणुव्रत पर विशेष प्रकाश डालते कहा कि अणुव्रत से ही हमारे शब्दों, भावों, व्यवहार, कर्मों में शुद्धता सम्भव है। उन्होंने बताया कि हमारा प्रयत्न हमेशा यही रहता है कि हर विद्यार्थी नैतिक बनें। अणुव्रत समिति के निवर्तमान अध्यक्ष जवेरीलाल संकलेचा, प्रेक्षा विश्व भारती के अध्यक्ष बाबुलाल सेखानी ने भी विचार व्यक्त किए।
अणुव्रत समिति अध्यक्ष विमल बोरदिया, निर्वतमान अधक्ष जवेरीलाल संकलेचा, मंत्री सुरेश बागरेचा, उपाध्यक्ष प्रकाश धींग व अन्य पदाधिकारियों के साथ प्रेक्षा विश्व भारती के अध्यक्ष बाबुलाल सेखानी ने दुबे को अणुव्रत आचार संहिता पट व अणुव्रत स्वर्णिम भारत विशेषांक भेंट किया। अणुव्रत समिति के संगठन मंत्री जवेरीलाल भंसाली, संदीप कोठारी ने साहित्य देकर सम्मान किया।
अणुव्रत समिति के उपाध्यक्ष प्रकाश धींग व मोहनलाल कोठारी ने कार्यक्रम की शुरुआत अणुव्रत गीत के माध्यम से की। अणुव्रत समिति अध्यक्ष विमल बोरदिया ने स्वागत भाषण दिया। अणुव्रत समिति मंत्री सुरेश बागरेचा ने आभार व्यक्त करते हुए बताया कि वर्तमान में अणुव्रत अनुशास्ता आचार्य महाश्रमण नैतिकता, सद्भावना व नशामुक्ति के त्रिआयाम को लेकर अंहिसा के अमृत से देश-विदेश में अणुव्रत आदोलन को मुखरित करने वाले उद्घोष संयम ही जीवन है को जन-जन तक पहुंचाने का नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं। नटवर कोठारी ने संचालन किया।
Published on:
03 Mar 2018 11:30 pm
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