15 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गुजरात सरकार में क्लास-1 अधिकारी की नौकरी दिलाने के बहाने ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश

आरोपियों ने छह लोगों से 3.44 करोड़ ठगे, फर्जी नियुक्ति पत्र सौंपे, नौकरी पर हाजिर न करने पर खुली पोल

2 min read
Google source verification
Crime

गुजरात लोक सेवा आयोग (जीपीएससी) की भर्ती परीक्षा दिए बिना ही वर्ग-1 डिप्टी कलक्टर के पद सहित अन्य पदों पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले शातिर गिरोह का अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों ने उम्मीदवारों का विश्वास जीतने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र भी सौंपे थे, हालांकि करीब पौने दो साल के बाद भी नौकरी पर हाजिर न किए जाने के चलते शंका हुई और पोल खुल गई। क्राइम ब्रांच की ओर से गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ईसनपुर श्मशानगृह के सामने जयकृष्ण सोसायटी निवासी जलदीप टेलर (37), नवा वाडज मंगलदीप स्कूल रोड घनश्यामनगर निवासी वकालत करने वाला जितेन्द्र प्रजापति (40), कृष्णनगर पायल पार्क निवासी अंकित पंड्या (36) और बापूनगर गुजरात हाऊसिंग बोर्ड निवासी हितेश सेन (32) शामिल हैं।

सवा दो करोड़ में सरकारी नौकरी का दिया झांसा

निकोल में रहने वाले योगेश कुमार पटेल ने इन आरोपियों के विरुद्ध 27 सितंबर को क्राइम ब्रांच में प्राथमिकी दर्ज कराई है। यह ठगी दिसंबर 2022 से लेकर सितंबर 2024 के दौरान हुई है। वर्ष 2022 में लॉ कॉलेज में प्रवेश के दौरान उनकी मुलाकात मिर्जापुर ग्राम्य अदालत के सामने कामा कॉमर्शियल कॉम्पलैक्स में ऑफिस चलाने वाले जितेन्द्र प्रजापति से हुई थी। वह वकालत का कामकाज करता है। 11 दिसंबर 2022 को उसने जलदीप टेलर को वकील बताते हुए मुलाकात कराई कहा कि इनकी सरकारी अधिकारियों से अच्छी पहचान है। सरकारी नौकरी दिलाने का भी काम करते हैं। जलदीप ने कहा कि अहमदाबाद में एक डिप्टी कलक्टर की जगह खाली है। वह उसे यह नौकरी दिला सकता है। सवा दो करोड़ देने होंगे। सवा करोड़ नौकरी से पहले और एक करोड़ नौकरी के बाद। बातों में आए योगेश ने खुद तो पैसे दिए ही आरोपी के कहने पर उसके पांच अन्य मित्रों को भी इन से मिलाया। आरोपियों ने विजय ठक्कर को अर्बन डेवलपमेंट एंड अर्बन हाऊसिंग डेवलपमेंट (यूडीएचडी) में निदेशक के पद पर , अंकित पटेल को असिस्टेंट डायरेक्टर जीएमडीसी, प्रदीप शर्मा को डिप्टी कलक्टर महेसाणा, जिगर पटेल को गुजरात खनिज निगम में असिस्टेंट मैनेजर, अतुल पटेल को जॉइंट डायरेक्टर यूडीएचडी पद पर भर्ती करने की बात की। आरोपियों ने सरकारी नौकरी के लिए गन लाइसेंस जरूरी बताते हुए उसके लिए भी रुपए लिए। कुल मिलाकर सभी से 3.44 करोड़ रुपए ले लिए। सभी को संबंधित पदों के फर्जी नियुक्ति पत्र भी सौंपे, लेकिन बताए हुए पदों पर हाजिर नहीं किया। लोकसभा चुनाव के चलते देरी की बात कही, चुनाव हो जाने पर भी हाजिर न होने से सभी को शंका हुई, जिस पर इनकी पोल खुल गई।

फर्जी नियुक्ति-पत्र, स्टेंप, दो कारें बरामद

क्राइम ब्रांच की ओर से आरोपियों के पास से पीडि़तों को दिए गए फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद हुए हैं। इसके अलावा जीपीएससी लिखा स्टेंप पेपर, आवक-जावक, तारीख, सरकारी विभागों के स्टेंप, अन्य कई पदों के फर्जी दस्तावेज, सात मोबाइल फोन, दो कारें बरामद हुई हैं।

कई और युवाओं को ठगने की आशंका

क्राइम ब्रांच को आशंका है कि आरोपियों ने कई और लोगों को ठगा हो सकता है। ऐसे पीडि़त लोगों को क्राइम ब्रांच का संपर्क करने को कहा है।