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आचार्य महाश्रमण का अहमदाबाद शहर में प्रवेश आज

सूरत से अहमदाबाद की दूरी लगभग 260 किलोमीटर है, आचार्य ने इस मार्ग को धर्म चेतना का सेतु बनाते हुए गुजरात की लगभग 18 सौ किलोमीटर की यात्रा की अहमदाबाद. अहिंसा यात्रा प्रणेता व जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के 11वें आचार्य महाश्रमण शनिवार को अहमदाबाद शहर में प्रवेश करेंगे। वे 2024 का चातुर्मास सूरत में […]

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सूरत से अहमदाबाद की दूरी लगभग 260 किलोमीटर है, आचार्य ने इस मार्ग को धर्म चेतना का सेतु बनाते हुए गुजरात की लगभग 18 सौ किलोमीटर की यात्रा की

अहमदाबाद. अहिंसा यात्रा प्रणेता व जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के 11वें आचार्य महाश्रमण शनिवार को अहमदाबाद शहर में प्रवेश करेंगे। वे 2024 का चातुर्मास सूरत में संपन्न करते हुए अहमदाबाद शहर में पहुंचने वाले हैं।
सूरत से अहमदाबाद की दूरी लगभग 260 किलोमीटर है, आचार्य ने इस मार्ग को धर्म चेतना का सेतु बनाते हुए गुजरात की लगभग 18 सौ किलोमीटर की यात्रा की है।
2023 में मुंबई में चातुर्मास से पहले, आचार्य महाश्रमण ने अहमदाबाद में 21 दिवसीय प्रवास किया था। शनिवार को आचार्य का प्रवास कोबा के पास तपोवन सर्कल पर स्व बंगले में रहेगा। इसके बाद वे घाटलोडिया, नवरंगपुरा, पालड़ी, अमराईवाड़ी, कांकरिया, शाहीबाग तेरापंथ भवन और मोटेरा में प्रवास करेंगे।

6 जुलाई को प्रेक्षा विश्व भारती में 2025 के चातुर्मास के लिए प्रवेश

आचार्य महाश्रमण 6 जुलाई को प्रेक्षा विश्व भारती में 2025 के चातुर्मास के लिए प्रवेश करेंगे।

जीवन में कर्तव्य का बोध होना आवश्यक

आचार्य महाश्रमण शुक्रवार को मोटा चिलोड़ा से 12 किलोमीटर का विहार कर लिम्बडिया गांव स्थित एक स्कूल पहुंचे। यहां दिए प्रवचन में आचार्य ने कहा कि जीवन में कर्तव्य का बोध होना आवश्यक है। हमारे जीवन में कर्तव्य बोध और कर्तव्य पालन का बहुत महत्व होता है। माता-पिता का अपने संतान के प्रति और संतान का अपने माता-पिता के प्रति भी कर्तव्य होता है।