
कांकरिया जू में आए दो नए मेहमान, शेर-शेरनी की नई जोड़ी देखने पहुंचे लोग
अहमदाबाद. कोरोना का संक्रमण काबू में आने के बाद अहमदाबाद शहर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय (कांकरिया जू) में दो नए मेहमान आए हैं। शेर-शेरनी की नई जोड़ी जूनागढ़ के सक्करबाग चिडिय़ाघर से यहां लाई गई है। शुक्रवार से इस नई जोड़ी को जू में आने वाले लोगों के देखने के लिए उपलब्ध करवाया गया है।
दो नए शेर-शेरनी आने के चलते कांकरिया प्राणी संग्रहालय में अब शेर-शेरनी की संख्या बढकऱ चार हो गई है। अंबर और जानकी नाम की शेर-शेरनी पहले से उपलब्ध थे। जबकि दो नए आए हैं।
अहमदाबाद महानगर पालिका के महापौर किरीट परमार, रिक्रिएशनल, कल्चरल एंड हैरिटेज कमेटी के अध्यक्ष राजू भाई दवे ने शुक्रवार को इस नई जोड़ी को जू में आने वाले लोगों के देखने के लिए उपलब्ध कराया।
राजूभाई दवे ने कहा कि शेर-शेरनी की यह जोड़ी जूनागढ़ के सक्करबाग चिडिय़ाघर से एक महीने पहले 8 मार्च 2022 को कांकरिया जू में लाई गई थी। इसमें शेर की उमर चार साल और चार महीने है, जबकि शेरनी की आयु चार साल और छह महीने की है। इसे सेंट्रल जू अथोरिटी नई दिल्ली के नीति-नियमों के तहत लाया गया और एक महीने तक क्वारंटाइन में रखा गया था। क्वारंटाइन अवधि पूरी होने के बाद इसे 8 अप्रेल से लोगों के देखने के लिए उपलब्ध करवाया गया है।
कांकरिया जू के निदेशक आर के साहू ने बताया कि नई जोड़ी आने के चलते जू में अब उपलब्ध शेर-शेरनी की संख्या चार हो गई है। जू में सफेद बाघ, एक अन्य बाघ सहित दो बाघ हैं। एक रीछ, छह तेंदुआ हैं। एक हाथी है। 17 सियार, दो हिप्पोपोटेमस हैं।
मनचाहे नाम पर करा सकेंगे नए शेर-शेरनी का नामकरण
कांकरिया जू के निदेशक आर के साहू ने बताया कि नए शेर-शेरनी की जोड़ी का नामकरण होना अभी बाकी है। प्राणी दत्तक लेने की योजना फ्रेंड्स ऑफ जू योजना के तहत कोई दाता चाहे तो अपने पसंदीदा नाम पर शेर-शेरनी का नामकरण करवा सकता है। इसके लिए दाता को एक साल के लिए शेर का नामकरण कराने के लिए दाता एक लाख 26 हजार 260 रुपए देने होंगे। जबकि शेरनी के एक साल के नामकरण के लिए एक लाख एक हजार रुपए देने होंगे।
Published on:
08 Apr 2022 09:51 pm
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