
सिविल अस्पताल में नई व्यवस्था के बाद खिड़कियों पर कम दिखी मरीज और परिजनों की भीड़।
अहमदाबाद: शहर स्थित एशिया के सबसे बड़े सिविल अस्पताल में रोजाना करीब 3500 से 4000 मरीजों की ओपीडी होती है। भीड़ को नियंत्रित करने और मरीजों को कम समय में जरूरी सेवा उपलब्ध कराने के लिए क्यू मैनेजमेंट और पेशेंट फ्लो को व्यवस्थित करने की व्यापक योजना लागू की गई है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि यहां रोजाना आने वाले मरीजों में करीब 2000 नए होते हैं। पहले 9 केस खिड़की होने से यहां भीड़ रहती थी। अब इनकी संख्या बढ़ाकर 12 कर दी गई है। इंडोर केस खिड़की, बिलिंग और रिपोर्ट काउंटर को ओपीडी से अलग किया गया है।
ऑर्थोपेडिक, मेडिसिन, सर्जरी, त्वचा, स्त्री रोग और शिशु रोग सहित प्रमुख ओपीडी में टोकन आधारित कतार व्यवस्था शुरू की गई है। मरीजों के लिए बैठने की व्यवस्था भी की गई है। नर्सिंग, सुरक्षा और मरीज सहायक की टीमें इस व्यवस्था की निगरानी करेंगी। उद्देश्य केवल कतार कम करना नहीं, बल्कि मरीज को सही सेवा, सही स्थान और कम से कम समय में उपलब्ध कराना है। इसके लिए अलग-अलग सेवाओं को अलग स्थानों पर व्यवस्थित किया गया है, ताकि एक ही जगह पर भीड़ जमा न हो और मरीजों का प्रतीक्षा समय घटे।
रेडियोलॉजी में पंजीकरण के दो काउंटर किए गए हैं तथा पंजीकरण और बिलिंग की खिड़कियां पास-पास रखी गई हैं, जिससे मरीजों को दो अलग कतारों में नहीं लगना पड़ेगा। ओपीडी मरीजों की सोनोग्राफी जी-2 में और इंडोर मरीजों की सोनोग्राफी ट्रॉमा सेंटर में की जा रही है। इससे दोनों श्रेणी के मरीजों की भीड़ अलग होने से प्रतीक्षा समय कम होगा। कलर डॉप्लर में अधिक समय लगने के कारण इसके मरीजों को दोपहर 2 बजे बाद का समय दिया जाएगा।
पुरानी ओपीडी में सैंपल कलेक्शन काउंटर 4 से बढ़ाकर 6 और 1200 बेड अस्पताल में 2 से बढ़ाकर 4 किए गए हैं। डाटा एंट्री ऑपरेटर लगाए जाने से लेबोरेटरी तकनीशियनों का समय डाटा दर्ज करने के बजाय सैंपल लेने में लगेगा, जिससे जांच प्रक्रिया तेज होगी।
बिलिंग काउंटर 1 से बढ़ाकर 2 किए गए हैं। सॉफ्टवेयर में बदलाव कर रोगी कल्याण समिति और सरकारी शुल्क को एक ही रसीद में समाहित किया गया है। इससे एक ही रसीद से भुगतान होगा और बिलिंग में लगने वाला समय करीब आधा होने की उम्मीद है। मरीज ऑनलाइन भुगतान भी कर सकेंगे।
रिपोर्ट काउंटर को अलग करने के साथ अगले 2-3 दिनों में मरीजों को जांच रिपोर्ट उनके वाट्सऐप नंबर पर डिजिटल रूप से भेजने की व्यवस्था शुरू की जाएगी। इससे रिपोर्ट लेने के लिए दोबारा अस्पताल आने और कतार में लगने की जरूरत कम होगी।
सुबह की भीड़ कम करने के लिए फॉलोअप मरीजों को शाम की ओपीडी में बुलाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बुखार, सर्दी-खांसी जैसी सामान्य बीमारियों के लिए कमरा नंबर 75 में अलग फैमिली मेडिसिन ओपीडी शुरू की गई है। इससे मुख्य ओपीडी का भार घटेगा और गंभीर मरीजों पर अधिक ध्यान दिया जा सकेगा। अस्पताल में आगे बेहतर साइनेज और सूचना संकेतक लगाने की भी योजना है, ताकि मरीजों को संबंधित सेवा तक पहुंचने में आसानी हो।
Updated on:
09 Sept 2026 09:59 pm
Published on:
09 Sept 2026 09:57 pm
