अहमदाबाद. शहर में भटकते पशुओं की समस्या को नियंत्रित करने के लिए पशु उत्पाद रोकथाम एवं नियंत्रण नीति-2023 लागू की गई है। एक दिसंबर से इस पर प्रभारी अमल भी शुरू कर दिया गया है। ऐसे में गुजरात हाईकोर्ट ने पशुपालकों को इस मामले में राहत देने से फिलहाल इनकार कर दिया है। पशुपालकों ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान गुहार लगाई थी कि नीति के तहत कई मामलों में पशुपालकों को परेशान किया जा रहा है, जिससे हाईकोर्ट कोई योग्य आदेश प्रशासन को जारी करे।
हाईकोर्ट के न्यायाधीश आशुतोष शास्त्री और न्यायाधीश हेमंत प्रच्छक की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि अहमदाबाद महानगर पालिका और राज्य सरकार की ओर से जिस नीति का अमल किया जा रहा है। उसमें हस्तक्षेप करने का कोई आदेश नहीं दिया जा सकता है। यदि पशुपालकों को कोई भी परेशानी हो तो वे आगामी सुनवाई के दौरान इस बारे में खंडपीठ के समक्ष मामला रख सकते हैं।खंडपीठ ने राज्य सरकार और अहमदाबाद महानगर पालिका की ओर से इस मुद्दे पर की गई कार्रवाई व उठाए गए कदमों की रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की आगामी सुनवाई 12 दिसंबर को होगी।
पशु वाड़े से पकड़े जा रहे हैं मवेशी, चारा लाने पर पकड़ती है पुलिसपशुपालकों की ओर से खंडपीठ से गुहार लगाई गई कि इस मामले में स्पेशल सिविल पिटीशन की गई है उसकी सुनवाई की जाए। एक दिसंबर से नीति पर अमल शुरू हो गया है। लेकिन इसमें हमें तीन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। एक तो मनपा की टीम भटकते पशुओं के साथ पशुवाड़ों में बंद पशुओं को भी पकड़ रही है। दूसरी पशुपालक पशुओं के लिए चारा खरीदकर लाते हैं तो भी उन्हें रोककर पुलिस की ओर से परेशान किया जा रहा है। थाने ले जाया जा रहा है। कई पशुपालकों के लाइसेंस के आवेदन अभी भी मनपा में लंबित हैं। जिससे इन मुद्दों पर ध्यान देते हुए हाईकोर्ट कोई आदेश जारी करे।
अहमदाबाद महानगर पालिका की ओर से खंडपीठ को बताया गया कि हमें पशुपालकों के प्रति सुहानभूति है।लेकिन कट ऑफ डेट एक दिसंबर थी, जिससे आज से ही अमल शुरू किया गया है। वे नीति के तहत ही कार्रवाई कर रहे हैं।ज्ञात हो कि नीति के तहत अहमदाबाद शहर में मवेशी रखने के जरूरी लाइसेंस लेने को पिछले तीन महीने में मनपा को 1070 आवेदन मिले हैं। इसमें से 123 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। 309 आवेदन दस्तावेजों के अभाव में खारिज किए गए हैं। शेष 638 आवेदनों पर काम चल रहा है।
0000000000000000अहमदाबाद मनपा की ओर से नीति पर प्रभावी अमल शुरू
अहमदाबाद. लाइसेंस लेने की समय सीमा खत्म होने के बाद एक दिसंबर से मनपा ने शहर में नीति पर अमल शुरू कर दिया है। शहर के रामोल, मेघाणीनगर, नरोडा, ओढव समेत विविध क्षेत्रों में ऐसे 34 पशुओं को पकड़ा गया है, जिनके लाइसेंस नहीं लिए गए थे। महानगरपालिका की ओर से शहर में अन्य 88 भटकते मवेशियों को भी पकड़ा। जिन पशुपालकों ने पशुओं के लाइसेंस नहीं लिए हैं उन्हें शहर से बाहर ले जाना होगा। नहीं तो मनपा की टीम की ओर से कार्रवाई की जाएगी।महानगरपालिका के पशु उपद्रव नियंत्रण विभाग (सीएनसीडी) के अनुसार शहर में बिना लाइसेंस के पशु रखने के खिलाफ शुक्रवार सुबह से ही कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान विविध ठिकानों पर जांच करने के बाद इन पशुओं को पकड़ा गया। इसके अलावा टीम ने शहर के विविध भागों में भटकते पशुओं को भी पकड़ा। शहर के मध्यजोन में सबसे अधिक 23 मवेशियों को पकड़ा गया। उत्तर जोन में 22, पूर्व में 17, पश्चिम में 10, दक्षिण में सात, उत्तर पश्चिम में छह तथा दक्षिण पश्चिम में तीन पशुओं को पकड़ा गया। नवम्बर माह में शहर में 2408 मवेशियों को पकड़ा गया था।