एशिया के सबसे बड़े अहमदाबाद सिविल अस्पताल में पिछले दिनों पैपिलरी थायरॉयड कैंसर (Papillary thyroid cancer) से ग्रस्त छह वर्ष की बालिका का जटिल ऑपरेशन किया गया। यह दुर्लभ केस 10 लाख में से एक बच्चे में देखने को मिलता है। इस बालिका को ऑपरशन के लिए सिविल मेडिसिटी कैंपस के गुजरात कैंसर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (जीसीआरआई) से भेजा गया। सिविल अस्पताल के बाल सर्जरी विभाग की ओर से यह ऑपरेशन किया।अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि मजदूर परिवार की 6 वर्षीय पुत्री के गले के बीच में पिछले एक महीने से सूजन थी। धीरे-धीरे यह सूजन बढ़ती जा रही थी। उसके माता-पिता उसे अहमदाबाद सिविल मेडिसिटी परिसर के जीसीआरआई में ले गए, जहां जांच करने पर पता चला कि बच्ची के थायरॉयड के भाग के पैपिलरी कैंसर है। कैंसर उसके गले में लिम्फ नोड्स तक फैल गया था।
सर्जरी की आवश्यकता होने पर इस बालिका को जीसीआरआई से सिविल अस्पताल स्थित 1200 बेड में रेफर किया गया। अस्पताल के सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने जटिल और सफल सर्जरी की। इसके आठ दिन बाद बालिका को छुट्टी दे दी गई। कैंसर के ऑपरेशन के बाद उसके अन्य थेरेपी से उपचार का निर्णय किया जाएगा।
समय रहते उपचार संभव
डॉ. जोशी का कहना है कि रेडिएशन एक्सपोजर और परिवार में थायरॉयड में कैंसर का इतिहास वाले परिवार के बच्चों में इस तरह की बीमारी हो सकती है। समय रहते इसका उपचार संभव है। पैपिलरी थायराॅइड कैंसर का प्राथमिक लक्षण गले में सूजन होता है। ऐसी हालत में नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
इसलिए जटिल है सर्जरी
इस तरह की सर्जरी को सावधानी से करना पड़ता है क्योंकि सर्जरी के दौरान थायरॉयड ग्रंथी के आसपास की नसें चोटिल हो सकती हैं, जिससे आवाज में बदलाव या आवाज बैठना जैसी परेशानी आ सकती है। ग्रंथि के चोटिल होने पर होठों तक परेशानी आ सकती है।